जरुरी जानकारी | कृषि में पीपीपी मॉडल का लाभ लेने को सरकार-निजी खिलाड़ियों के बीच बेहतर तालमेल की जरूरत: सचिव

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. कृषि सचिव मनोज आहूजा ने कृषि क्षेत्र में सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल का लाभ उठाने के लिए सरकार और निजी कंपनियों के बीच बेहतर तालमेल का आह्वान किया है।

नयी दिल्ली, 12 जुलाई कृषि सचिव मनोज आहूजा ने कृषि क्षेत्र में सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल का लाभ उठाने के लिए सरकार और निजी कंपनियों के बीच बेहतर तालमेल का आह्वान किया है।

उद्योग मंडल फिक्की द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आहूजा ने मंगलवार को कहा, ‘‘कई कंपनियों अलग-अलग काम कर रही हैं। सरकार में होने के नाते हम एक संचालक की भूमिका निभा सकते हैं और उनके बीच तालमेल बैठाते हुए मिलकर एक साथ काम कर सकते हैं।’’

उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में सार्वजनिक-निजी भागीदारी का लाभ उठाने के लिए सरकार सबसे पहले उद्योग जगत से ‘साझा समझ और साझा इरादे’ की उम्मीद करती है।

उन्होंने कहा कि दूसरा सरकार को उम्मीद है कि कृषि क्षेत्र में हस्तक्षेप बढ़ाने के लिए ‘ढांचे बनाने’ होंगे और तीसरा जरूरत के आधार पर संयुक्त रूप से काम करना होगा। चाथा,इस बात पर गौर करना होगा कि कृषि कामकाज को लाभप्रद बनाने के लिए योजनाओं को परस्पर जोड़ा जा सकता है या नहीं।

अंत में सचिव ने कृषि पर जानकारी साझा करने में सरकार और उद्योग के बीच तालमेल का आह्वान किया।

उन्होंने कहा, ‘‘बहुत सारी जानकारी उपलब्ध है, लेकिन यह अलग है। कुछ जानकारियां सरकार के पास है और कुछ निजी क्षेत्र के पास। क्या हम इसे सभी के लाभ के लिए एक साथ ला सकते हैं। बहुत सारे लोग फसलों के बारे में अनुमान कर रहे हैं, क्या हम इन सभी जानकारियों को साझा कर सकते हैं ताकि हमारे पास इनके बेहतर परिणाम आ सकें।’’

कृषि मंत्रालय में संयुक्त सचिव विजया लक्ष्मी नडेनला ने कहा कि कृषि पीपीपी में लागत, बुनियादी ढांचा, संस्थान और निवेश महत्वपूर्ण हैं जिन्हें आप अंग्रेजी के चार ‘‘आई’’ (इनपुट, इन्फ्रास्ट्रक्चर, इंस्टिट्यूशन और इन्वेस्टमेंट) भी कह सकते हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘हमारे पास चौथे ‘आई’ यानी इन्वेस्टमेंट या निवेश की कमी है। इसमें निजी क्षेत्र पहल कर सकते हैं। कृषि पीपीपी ढांचे में चार ‘‘आई’’ को साधने योग्य बनाया जा सकता है।’’

इस अवसर पर कृषि मंत्रालय के एक अन्य संयुक्त सचिव सैमुअल प्रवीण कुमार ने कहा कि मौजूदा समय में कृषि क्षेत्र में निवेश अन्य क्षेत्रों की तुलना में कम है और सरकार पीपीपी का अधिकांश लाभ उठाने के लिए एक बेहतर वातावरण बनाने पर विचार कर रही है।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

\