देश की खबरें | पुलिसकर्मी के यौन शोषण करने से त्रस्त महिला गंगा में कूदी
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. कानपुर जिले में यातायात पुलिसकर्मी द्वारा कथित रूप से यौन शोषण किये जाने से त्रस्त होकर एक विवाहिता ने गंगा नदी में कूदकर आत्महत्या का प्रयास किया।
कानपुर (उत्तर प्रदेश), 13 सितंबर कानपुर जिले में यातायात पुलिसकर्मी द्वारा कथित रूप से यौन शोषण किये जाने से त्रस्त होकर एक विवाहिता ने गंगा नदी में कूदकर आत्महत्या का प्रयास किया।
पुलिस उपायुक्त (पूर्वी) प्रमोद कुमार ने मंगलवार को बताया कि महिला ने रविवार शाम पुलिस हेल्पलाइन में फोन करने के बाद गंगा नदी में कूदकर खुदकुशी करने की कोशिश की। फोन पर इसकी सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने महिला को गोताखोरों की मदद से नदी से बाहर निकाला।
उन्होंने बताया कि मिर्जापुर जिले के लालगंज इलाके की रहने वाली इस महिला ने मुकदमे में आरोप लगाया है कि उसके रिश्तेदार और कानपुर यातायात पुलिस में हेड कांस्टेबल के पद पर कार्यरत गिरिजा नंदन त्रिपाठी ने उसके परिवार को कुंभ के दौरान डुबकी लगाने के लिए प्रयागराज बुलाया था।
महिला का आरोप है कि प्रयागराज में ठहरने के दौरान त्रिपाठी उसे एक होटल में ले गया और कोल्ड ड्रिंक में बेहोशी की दवा मिलाकर पिला दी। बेहोश होने पर त्रिपाठी ने उसे अपनी हवस का शिकार बनाया और इस घटना का वीडियो भी बना लिया और उस वीडियो को सार्वजनिक करने की धमकी देकर बाद में भी उससे कई बार बलात्कार किया।
पुलिस उपायुक्त ने बताया कि आरोप लगाने वाली महिला का कहना है कि जब त्रिपाठी को मालूम हुआ कि वह गर्भवती हो गई है तो उसने उसे गर्भपात के लिए दवा खिलाई।
महिला का आरोप है कि रविवार को गिरजानंद और उसका बेटा अमित तिवारी उसे चकेरी इलाके में स्थित एक कमरे में ले गए और उसका एक और अश्लील वीडियो बनाया। उसने जब इसका विरोध किया तो उसके साथ मारपीट की गई और अंजाम भुगतने की धमकी दी गई।
पुलिस उपायुक्त ने बताया कि आरोपियों के चंगुल से छूटने के बाद महिला ने पुलिस हेल्पलाइन नंबर पर फोन करके बताया कि वह गंगा में कूदकर खुदकुशी करने जा रही है। उसके बाद वह नदी में कूद गई।
उन्होंने बताया कि इस मामले में आरोपी यातायात पुलिस कांस्टेबल और उसके बेटे के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है और उनकी तलाश की जा रही है।
पुलिस उपायुक्त (यातायात) बी. मूर्ति ने कहा कि आरोप लगाने वाली महिला का मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान दर्ज होने के बाद आरोपी यातायात पुलिसकर्मी को निलंबित किया जाएगा। महिला के आरोपों की पुष्टि के लिए उसकी मेडिकल जांच भी कराई जाएगी।
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