ताजा खबरें | वक्फ विधेयक अल्पसंख्यकों को तबाह करने के लिए लाया गया : खरगे
Get latest articles and stories on Latest News at LatestLY. राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने वक्फ विधेयक को मुसलमानों के खिलाफ बताते हुए बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि यह (विधेयक) अल्पसंख्यकों को तबाह करने के लिए लाया गया है।
नयी दिल्ली, तीन अप्रैल राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने वक्फ विधेयक को मुसलमानों के खिलाफ बताते हुए बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि यह (विधेयक) अल्पसंख्यकों को तबाह करने के लिए लाया गया है।
खरगे ने कहा कि देश में ऐसा माहौल बना है कि यह विधेयक अल्पसंख्यकों को तंग करने के लिए लाया गया है।
इसके साथ ही उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह से आग्रह किया कि वह इस विधेयक को प्रतिष्ठा का प्रश्न नहीं बनाएं और सरकार इसे वापस ले ले।
कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने उच्च सदन में वक्फ संशोधन विधेयक, 2025 पर चर्चा में भाग लेते हुए कहा कि लोकसभा में इस विधेयक के पक्ष में 288 मत आए जबकि विपक्ष में 238 मत। उन्होंने कहा कि इससे स्पष्ट होता है कि इसमें खामियां और कमियां हैं तथा सरकार को इस पर गौर करना चाहिए।
खरगे ने कहा कि ‘‘जिसकी लाठी, उसकी भैंस’’ की स्थिति उचित नहीं है और यह किसी के लिए ठीक नहीं होगा।
उन्होंने कहा कि यह दान से संबंधित विधेयक है लेकिन इसके प्रावधानों के जरिये अल्पसंख्यकों के हकों को छीनने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार पसमांदा और महिलाओं के कल्याण की बात तो करती है, लेकिन अल्पसंख्यक विभाग के आवंटन में हर साल कटौती की जा रही है।
खरगे ने कहा कि यह अफसोसजनक है कि आवंटित राशि भी सरकार नहीं खर्च कर पा रही है, ऐसे में वह अल्पसंख्यकों को सहूलियत कैसे देगी। उन्होंने कहा कि सरकार ने अल्पसंख्यकों से जुड़ी पांच योजनाओं को बंद कर दिया और सरकार की मंशा ही नहीं है कि अल्पसंख्यकों का कल्याण हो।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि 1995 के कानून को सर्वसम्मति से पारित किया गया था और उसमें भाजपा के भी सदस्य थे फिर यह विधेयक क्यों लाया गया। उन्होंने कहा कि यह मूल रूप से लोगों को तबाह करने के लिए लाया गया है और उसी के लिए विधेयक में प्रावधान डाले गए हैं।
उन्होंने कहा कि वक्फ निकाय में चयनित सदस्यों के बदले मनोनयन पर जोर दिया गया है, ताकि अधिकार अपने हाथ में लिया जा सके। उन्होंने वक्फ निकायों में गैर-मुसलमानों को शामिल किए जाने के प्रावधान पर आपत्ति जतायी और कहा कि क्या हिंदू निकायों में अन्य धर्म वालों को शामिल किया जाता है। उन्होंने कहा कि हिंदू निकायों में तो दलितों को भी शामिल नहीं किया जाता।
उन्होंने कहा कि सरकार मुसलमानों को दबाने की कोशिश नहीं करे और देश की शांति एवं सौहार्द को बनाए रखे।
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