विदेश की खबरें | थाईलैंड के प्रधानमंत्री पर कुर्सी छोड़ने की तलवार लटकी
श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

वह पद पर रहने की वैध समयसीमा बीतने के बावजूद भी प्रधानमंत्री की कुर्सी छोड़ नहीं रहे हैं जिसके कारण अदालत का यह आदेश आ सकता है।

प्रयुथ के पक्ष में फैसला आने की भी संभावना हैं लेकिन इससे उनकी सरकार के विरोध में प्रदर्शन शुरू होने का जोखिम हैं क्योंकि वह अलोकतांत्रिक तरीके से सत्ता में आए थे। उनके विरोधियों ने अदालत के आदेश के मद्देनजर प्रदर्शन का आह्वान किया है।

अदालत ने पिछले महीने प्रयुथ को प्रधानमंत्री का दायित्व निभाने से रोक दिया था। उप प्रधानमंत्री प्रवित वोंगसुवन को कार्यकारी प्रधानमंत्री बनाया गया जबकि प्रयुथ रक्षा मंत्री के पद पर बने रहे।

गौरतलब है कि विपक्षी सांसदों ने अदालत की नौ सदस्यीय पीठ के समक्ष याचिका दायर कर पूछा था कि प्रयुथ के कार्यकाल को कैसे गिना जाएगा।

तत्कालीन सेना जनरल प्रयुथ ने मई 2014 में एक निर्वाचित सरकार का सैन्य तख्तापलट कर दिया था और उसी साल अगस्त में उन्होंने प्रधानमंत्री की कुर्सी संभाली थी। उनके आलोचकों का कहना है कि उनके आठ साल के कार्यकाल की समयसीमा 24 अगस्त को समाप्त हो गयी है।

वहीं, प्रयुथ के समर्थकों की दलील है कि कार्यकाल की समयसीमा से जुड़ा संविधान का प्रावधान छह अप्रैल 2017 को लागू हुआ था इसलिए उनके कार्यकाल की अवधि उस तारीख से गिनी जानी चाहिए।

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