देश की खबरें | केंद्र के हस्तक्षेप से ही पलट सकती है मणिपुर की स्थिति: नेसो
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. पूर्वोत्तर के एक शीर्ष छात्र संगठन ने शुक्रवार को केंद्र से लोगों का भविष्य बचाने के लिए जातीय संघर्ष से प्रभावित मणिपुर में सामान्य स्थिति बहाल करने के उपाय करने का आग्रह किया।
कोहिमा, चार अगस्त पूर्वोत्तर के एक शीर्ष छात्र संगठन ने शुक्रवार को केंद्र से लोगों का भविष्य बचाने के लिए जातीय संघर्ष से प्रभावित मणिपुर में सामान्य स्थिति बहाल करने के उपाय करने का आग्रह किया।
नॉर्थ ईस्ट स्टूडेंट्स ऑर्गनाइजेशन (नेसो) ने केंद्र से यह अपील मणिपुर के इंफाल और चुराचांदपुर जिलों में तीन दिवसीय ‘सद्भावना मिशन’ के बृहस्पतिवार को समापन के बाद की।
नेसो के महासचिव मुत्सिखोयो योबू ने संवाददाताओं से कहा कि छात्र संगठन के एक प्रतिनिधिमंडल ने मणिपुर के राज्यपाल के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को एक ज्ञापन सौंपा है और राज्य में जल्द से जल्द शांति और सामान्य स्थिति की बहाली के लिए उनके तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
नेसो के नेताओं ने कहा कि मणिपुर में वर्तमान ‘‘अराजक’’ स्थिति को देखकर ‘‘गहरा दुख’’ हुआ है। राज्य के अधिकांश हिस्सों में तीन महीने से अधिक समय से हिंसा और आगजनी जारी है।
मणिपुर में बहुसंख्यक मेइती समुदाय द्वारा अनुसूचित जनजाति (एसटी) दर्जे की मांग के विरोध में प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़क गई थी।
योबू ने कहा कि नेसो टीम ने अपने मूल लोगों तक शांति और सद्भाव का संदेश फैलाने के लिए संकटग्रस्त राज्य का दौरा किया।
उन्होंने कहा, ‘‘वर्तमान में मणिपुर में राज्य पुलिस के साथ 40,000 से अधिक केंद्रीय बलों की मौजूदगी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के हस्तक्षेप के बावजूद वहां स्थिति अब भी अस्थिर है। मणिपुर में अब तक स्थिति सामान्य नहीं हुई है।’’
नेसो नेता ने कहा कि राज्य की वर्तमान स्थिति को केवल तभी पलटा जा सकता है जब केंद्र मामले को गंभीरता से ले और दोनों समुदायों को बातचीत के लिए एक आम मंच पर लाने के तत्काल उपाय करे।
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