देहरादून, 14 अगस्त उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने छोटी-छोटी घटनाओं पर ‘कैंडल मार्च’ निकालने वाले लोगों को आड़े हाथों लेते हुए बुधवार को कहा कि बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हो रही बर्बरतापूर्ण घटनाओं पर कोई आवाज नहीं उठाया जाना बहुत ‘दुर्भाग्यपूर्ण’ है।
मुख्यमंत्री ने यहां संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि इस समय बांग्लादेश में हिंदुओं के साथ बर्बरतापूर्ण घटनाएं हो रही हैं और उनके साथ अमानवीय व्यवहार हो रहा है।
उन्होंने इस संबंध में 1947 और 1971 की घटनाओं को याद करते हुए कहा कि यह हमेशा से होता आया है और अब फिर दोहराया जा रहा है ।
धामी ने कहा, “देश के अंदर हमारे यहां तमाम छोटे-छोटे वाकयों के कारण कोई कैंडल मार्च निकालता था, कोई विरोध प्रदर्शन करता था लेकिन आज कोई आवाज नहीं उठा रहा है और निश्चित रूप से यह दुर्भाग्यपूर्ण है।”
उन्होंने हालांकि कहा कि बांग्लादेश में हिंदुओं के साथ जिस प्रकार की घटनाएं हो रही हैं, उस पर देश के अंदर से ये आवाज जानी चाहिए कि हम सब लोग उनके साथ हैं।
धामी ने विभाजन की विभीषिका को एक बड़ी त्रासदी और नरसंहार बताते हुए कहा कि करोड़ों लोगों को इसका दंश झेलना पड़ा।
उन्होंने कहा, “अनेक लोग बेघर हो गए, कई अन्य हमारे बीच से चले गए, लोग अपनों से बिछड़ गए। निश्चित रूप से यह एक बड़ी त्रासदी थी, एक बड़ा नरसंहार था।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पूरा देश आज ‘विभाजन विभीषिका दिवस’ का स्मरण कर रहा है कि आजादी कितनी कठिनाई से मिली है और कितने लोगों को इसके लिए बलिदान देना पड़ा।
उन्होंने कहा कि हमारे नौजवान और आने वाली पीढ़ी इस दिवस को हमेशा अपनी स्मृति में रखे कि उन्हें जो आजादी मिली है, वह इतनी आसानी से नहीं मिली।
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