देश की खबरें | प्रधानमंत्री मोदी की ‘रेवड़ी कल्चर’ वाली टिप्पणी पर विपक्षी दलों के नेताओं की तीखी प्रतिक्रिया

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से वोट के लिए सुविधाएं मुफ्त में उपलब्ध कराने की राजनीति की तीखी आलोचना किये जाने के बीच शनिवार को आम आदमी पार्टी (आप) प्रमुख केजरीवाल समेत अन्य विपक्षी दलों के नेताओं ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की।

नयी दिल्ली, 16 जुलाई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से वोट के लिए सुविधाएं मुफ्त में उपलब्ध कराने की राजनीति की तीखी आलोचना किये जाने के बीच शनिवार को आम आदमी पार्टी (आप) प्रमुख केजरीवाल समेत अन्य विपक्षी दलों के नेताओं ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की।

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शनिवार को बिना किसी का नाम लिये आरोप लगाया कि दोस्तों का हजारों करोड़ रुपये का कर्ज माफ करने वाले और दोस्तों के लिए विदेशी दौरों से हजारों करोड़ रुपये का ठेका दिलाने वाले ‘‘रेवड़ी कल्चर’’ को बढ़ावा दे रहे हैं।

समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि ‘‘रेवड़ी बांटकर धन्यवाद अभियान चलवाने वाले’’ शासकों को इसके बजाय युवाओं को नौकरियां उपलब्ध करानी चाहिए।

इससे पूर्व दिन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उत्तर प्रदेश के जालौन में एक कार्यक्रम के दौरान मुफ्त में सुविधाएं उपलब्ध कराने वाली राजनीति की तीखी आलोचना करते हुए कहा  कि यह ‘‘रेवड़ी कल्चर’’ देश के विकास के लिए ''बहुत घातक'' है।

मोदी ने कहा, ‘‘आज हमारे देश में ‘रेवड़ियां’ बांट कर वोट जुटाने की संस्कृति जड़ जमा रही है। यह ‘रेवड़ी कल्चर’ देश के विकास के लिए बहुत घातक है। देश के लोगों खास तौर से युवाओं को इस संस्कृति के खिलाफ सतर्क रहने की जरूरत है।’’

पलटवार करते हुए आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा कि उनकी सरकार की निशुल्क शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और बिजली की योजनाएं ‘मुफ्त की रेवड़ी’ नहीं हैं, बल्कि भारत को दुनिया का नंबर एक देश बनाने की नींव रखने का प्रयास है।

उन्होंने कहा कि अगर ईश्वर की इच्छा से वह ऐसा करने की स्थिति में हैं, तो देश में सभी के लिए शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं मुफ्त होंगी।

बिना किसी का नाम लिए केजरीवाल ने कहा, ‘‘मैं आपको बताऊंगा कि कौन ‘रेवड़ी’ बांट रहा है और मुफ्त सौगात दे रहा है। दोस्तों का हजारों करोड़ रुपये का कर्ज माफ करना और दोस्तों के लिए विदेशी दौरों से हजारों करोड़ रुपये का ठेका लेना मुफ्त उपहार है।’’

कांग्रेस एवं अन्य विपक्षी दल मोदी सरकार पर कुछ कारपोरेट घरानों का पक्ष लेने का आरोप लगाते रहे हैं। हालांकि, सत्तारूढ़ दल ने आरोपों को खारिज किया है।

भारतीय ट्राइबल पार्टी के नेता एवं गुजरात से विधायक छोटूभाई वसावा ने ट्वीट कर कहा, ‘‘ अगर गरीबों के लिए प्रोत्साहन ‘रेवाड़ी’ है, तो कारपोरेट घरानों के लाखों-करोड़ों रुपये की कर्जमाफी को क्या कहेंगे?’’

अखिलेश यादव ने ट्वीट कर कहा, ‘‘रेवड़ी बांटकर ‘थैंक्यू’ का अभियान चलवाने वाले सत्ताधारी अगर युवाओं को रोजगार दें, तो वो ‘दोषारोपण संस्कृति’ से बच सकते हैं। रेवड़ी शब्द असंसदीय तो नहीं?’’

उन्होंने कहा, ‘‘ रेवड़ी कल्चर वालों को लगता है कि जनता जनार्दन को मुफ्त की रेवड़ी बांटकर, उन्हें खरीद लेंगे। हमें मिलकर उनकी इस सोच को हराना है, ‘रेवड़ी कल्चर’ को देश की राजनीति से हटाना है।’’

मोदी की यह टिप्पणी लोगों में मुफ्त चीजें बांटने का वादा करने वाले राजनीतिक दलों के लिए थी जोकि खास तौर से चुनावों से ठीक पहले ऐसे वादे करते हैं।

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