देश की खबरें | गोवा में बाकी बचे तीन कांग्रेस विधायकों ने पार्टी के साथ बने रहने का संकल्प लिया

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पणजी, 14 सितंबर गोवा में कांग्रेस के आठ विधायकों के सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होने के बाद बाकी बचे तीन विधायकों ने संकल्प लिया है कि वे पार्टी के साथ ही बने रहेंगे।

गोवा में कांग्रेस के 11 विधायक निर्वाचित हुए थे और विधानसभा चुनाव के महज सात महीने के बाद आठ विधायकों ने पाला बदल लिया है। कांग्रेस ने इसेसे ‘विश्वासघात तथा बेशर्मी की पराकाष्ठा’ करार दिया है।

कांग्रेस में अब जो तीन विधायक बच गए हैं इनमें यूरी अलेमाओ, एल्टन डी कोस्टा और कार्लोस अल्वारेस फेरीरा है। तीनों ने कांग्रेस के गोवा प्रदेश अध्यक्ष अमित पाटकर की उपस्थिति में संवाददाता सम्मेलन कर पार्टी में ही बने रहने का संकल्प लिया।

अलेमाओ ने कहा, ‘‘ पार्टी विधायकों पर निर्भर नहीं है। विधायकों के चले जाने के बावजूद गोवा में कांग्रेस मजबूती के साथ बनी रहेगी।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हम वादा कर रहे हैं कि हम पार्टी के साथ ही रहेंगे और कांग्रेस मजबूत बनी रहेगी। हम कोई वस्तु नहीं जिसे खरीदा जा सके।’’

अलेमाओ ने बताया कि फरवरी में हुए विधानसभा चुनाव से पहले प्रत्याशियों ने दलबदल नहीं करने की शपथ ली थी। उन्होंने कहा, ‘‘ मैं नहीं जानता कैसे लोग ईश्वर से झूठ बोल सकते हैं।’’

कार्लोस अल्वारेस फेरीरा ने कहा कि यह नहीं कहा जा सकता है कि आठ विधायकों ने भाजपा में विलय कर लिया है, ‘‘अगर वे कांग्रेस का विलय भाजपा में करते हैं, तो हम (तीन विधायक) किस पार्टी के होंगे।’’

पूर्व महाधिवक्ता फेरीरा ने कहा कि इसी तरह की घटना वर्ष2019 में हुई थी जब कांग्रेस के 15 विधायकों में से 10 भाजपा में शामिल हो गए थे। उन्होंने कहा, ‘‘ कांग्रेस ने इसे अदालत में चुनौती दी और यह मामला अब उच्चतम न्यायालय में लंबित है।’’

अल्टोन डी कोस्टा ने कहा कि वह खुश हैं कि वह उस पार्टी के साथ है जिसके टिकट पर वह निर्वाचित हुए हैं।

पाटकर ने कहा कि दलबदल को लेकर कांग्रेस ने सभी एहतियात बरते थे। उन्होंने कहा, ‘‘पहले भाजपा रात के अंधेरे में लोकतंत्र की हत्या करती थी, लेकिन अब वह यह दिन के उजाले में यह करती है।’’

कांग्रेस के गोवा डेस्क के प्रभारी दिनेश गुंडु राव ने ट्वीट किया कि दिगंबर कामत और सात अन्य विधायकों का दल बदल करने का फैसला विश्वासघात है। उन्होंने कहा, ‘‘यह दिगंबर कामत और माइलक लोबो एवं अन्य द्वारा विश्वासघात और बेशर्मी की पराकाष्ठा है।’’

उन्होंने एक अन्य ट्वीट में कहा, ‘‘गोवा की जनता ने इन विधायकों को कांग्रेस उम्मीदवार के तौर पर चुना था। उन्होंने मंदिर, गिरिजाघर और दरगाह पर जाकर भाजपा में शामिल नहीं होने की कसम खाई थी। उन्होंने शपथपत्र दिया था कि वे कांग्रेस के साथ हमेशा रहेंगे और संविधान की शपथ ली थी।’’

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