विदेश की खबरें | हवाई अड्डे पर किए गए मिसाइल हमले का मकसद यमन की नई सरकार को 'हटाना' था : प्रधानमंत्री
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. उन्होंने ईरान समर्थित विद्रोहियों पर हमले को अंजाम देने का आरोप लगाया।
उन्होंने ईरान समर्थित विद्रोहियों पर हमले को अंजाम देने का आरोप लगाया।
इस हमले में बचे यमन के प्रधानमंत्री मईन अब्दुल मलिक सईद ने अदन में मशिक पैलेस के अपने कार्यालय में एसोसिएटेड प्रेस (एपी) को दिए साक्षात्कार में यह बातें कहीं।
यमन के दक्षिणी शहर अदन के हवाई अड्डे पर बुधवार को भीषण धमाका हुआ था। यह धमाका नव गठित मंत्रिमंडल के सदस्यों को लेकर आए विमान के उतरने के कुछ देर बाद हुआ था। विस्फोट में कम से कम 25 लोगों की मौत हो गई थी जबकि करीब 110 अन्य घायल हुए थे।
प्रधानमंत्री ने कहा, ''यह सरकार को हटाने के उद्देश्य से किया एक जबरदस्त हमला था। यह यमन में शांति एवं स्थिरता के खिलाफ एक संदेश था।''
सईद ने अपनी सरकार के आरोपों को दोहराते हुए कहा कि इस हमले के पीछे यमन के हूती विद्रोही समूह का हाथ था।
गत दिसंबर में यमन की नई सरकार का गठन हुआ था।
प्रधानमंत्री ने कहा कि हवाईअड्डे पर किए गए मिसाइल हमले में जिन तकनीकों का उपयोग किया गया, वे हूतियों की रणनीति की पहचान हैं।
वीडियो फुटेज में दिखाई दिया था कि सरकारी प्रतिनिधिमंडल के विमान से बाहर आते ही धमाका हुआ। सरकारी विमान में सवार कोई व्यक्ति हताहत नहीं हुआ और कई मत्रियों को वापस विमान में सवार होते हुए देखा गया था।
सईद ने कहा कि उनके विमान, गंतव्य हॉल और वीआईपी लॉन्ज को निशाना बनाकर तीन मिसाइलें दागी गईं थीं।
उन्होंने कहा कि यमन के जांचकर्ताओं ने मिसाइल का मलबा एकत्र किया है और अमेरिका एवं सऊदी नीत गठबंधन के विशेषज्ञ इस मिसाइल की उत्पत्ति और प्रकार के बारे में निष्कर्ष निकालेंगे।
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