जरुरी जानकारी | चालू सत्र में सरसों तिलहन का उत्पादन रिकॉर्ड 110 लाख टन होने का अनुमान

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. फसल वर्ष 2021-22 के रबी सत्र के दौरान देश का सरसों का उत्पादन 29.41 प्रतिशत बढ़कर रिकॉर्ड 100-110 लाख टन होने की उम्मीद है। उत्पादन में रिकॉर्ड बढ़ोतरी का अनुमान बुवाई के रकबे में वृद्धि से लगाया जा रहा है। खाद्य तेल उद्योग निकाय सीओओआईटी ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

नयी दिल्ली, 14 दिसंबर फसल वर्ष 2021-22 के रबी सत्र के दौरान देश का सरसों का उत्पादन 29.41 प्रतिशत बढ़कर रिकॉर्ड 100-110 लाख टन होने की उम्मीद है। उत्पादन में रिकॉर्ड बढ़ोतरी का अनुमान बुवाई के रकबे में वृद्धि से लगाया जा रहा है। खाद्य तेल उद्योग निकाय सीओओआईटी ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

प्रमुख रबी (सर्दियों) फसलों में से एक, सरसों दाने का उत्पादन फसल वर्ष 2020-21 (जुलाई-जून) में 85 लाख टन का हुआ था।

केंद्रीय तेल उद्योग एवं व्यापार संगठन (सीओओआईटी) के अध्यक्ष बाबूलाल दाता ने एक बयान में कहा, ‘‘इस साल राजस्थान सहित सभी प्रमुख उत्पादक राज्यों में सरसों की बुवाई में काफी वृद्धि हुई है। हमारा अनुमान है कि वर्ष 2021-22 सत्र में उत्पादन बढ़कर 100-110 लाख टन हो सकता है।’’

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, चालू रबी बुवाई के मौसम में 10 दिसंबर, 2021 तक रैपसीड और सरसों के बीज का रकबा 81.66 लाख हेक्टेयर था, जबकि पिछले साल की इसी अवधि में यह 65.97 लाख हेक्टेयर था।

उन्होंने कहा, “किसानों को पिछले रबी सत्र में उनकी सरसों की फसल के अच्छे दाम मिले। इसके चलते उन्होंने चालू रबी सत्र में सरसों की अधिक रकबे में बुवाई की है।”

इसके हिसाब से मौसम की स्थिति भी अब तक अनुकूल रही है।

वर्ष 1952 में स्थापित सीओओआईटी भारत के वनस्पति तेल क्षेत्र के विकास में लगा हुआ है।

सीओओआईटी देश में संपूर्ण वनस्पति तेल क्षेत्र के हितों का प्रतिनिधित्व करने वाला राष्ट्रीय सर्वोच्च निकाय है।

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