देश की खबरें | नागपुर स्थित आरएसएस के भवन की रेकी के मामले में गिरफ्तार व्यक्ति को जम्मू-कश्मीर पुलिस को सौंपा गया
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के नागपुर स्थित डॉ. हेडगेवार स्मृति भवन की पिछले साल टोह लेने (रेकी) के मामले में महाराष्ट्र के आतंकवाद रोधी दस्ते (एटीएस) ने आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के जिस कथित सदस्य से दो हफ्ते से अधिक समय तक पूछताछ की, उसे जम्मू-कश्मीर के हवाले कर दिया गया है। एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी।
नागपुर, 11 जून राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के नागपुर स्थित डॉ. हेडगेवार स्मृति भवन की पिछले साल टोह लेने (रेकी) के मामले में महाराष्ट्र के आतंकवाद रोधी दस्ते (एटीएस) ने आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के जिस कथित सदस्य से दो हफ्ते से अधिक समय तक पूछताछ की, उसे जम्मू-कश्मीर के हवाले कर दिया गया है। एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी।
अधिकारी ने दावा किया कि केंद्रशासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले के अवंतीपुरा कस्बे के निवासी रईस अहमद शेख असदुल्ला शेख (26) ने अहम प्रतिष्ठानों को निशाना बनाकर राज्य में आतंक फैलाने की जैश की योजनाओं के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी।
अधिकारी ने कहा कि वह एक ‘हाइब्रिड’ आतंकवादी है, जो सामान्य जीवन जीते हुए पाकिस्तान समर्थित समूहों की आतंकी गतिविधियों में भाग लेता है। उन्होंने कहा कि आरएसएस से जुड़े स्मारक की टोह लेना उसका जम्मू-कश्मीर से बाहर पहला अभियान था।
रईस पिछले साल 13 जुलाई को दिल्ली-मुंबई-नागपुर की फ्लाइट से यहां आया था और सीताबुल्दी इलाके के एक होटल में ठहरा था। उसने खुद ही टोह ली, क्योंकि उसके आका ने जिस व्यक्ति को उससे मिलने के लिए कहा था, वह उससे नहीं मिला।
इसके बाद 14 जुलाई को रईस ने ऑटोरिक्शा लिया और गूगल मैप की मदद से रेशिमबाग पहुंचा। वहां उसने स्मृति भवन की टोह लेने के दौरान ऐसा दिखावा किया जैसे कि वह किसी से फोन पर बात कर रहा हो।
हालांकि, स्मारक के खराब गुणवत्ता वाले वीडियो के लिए उसे उसके आका ने फटकार भी लगाई थी। लेकिन वह पुलिस के डर के कारण फिर से रेकी करने नहीं गया। वह शाम को अपने होटल लौट आया और 15 जुलाई को श्रीनगर के लिए रवाना हो गया।
अधिकारी ने बताया कि रेकी से जुड़ा मामला यहां कोतवाली पुलिस स्टेशन में गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम के तहत दर्ज किया गया था और फिर इसे इस साल मार्च में महाराष्ट्र एटीएस को स्थानांतरित कर दिया गया था।
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