देश की खबरें | शताब्दी के अंत तक महासागरों के ‘ट्विलाइट जोन’ में जीवों की संख्या 40 फीसदी तक घट सकती है

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. अनुसंधानकर्ताओं ने आगाह किया है कि जलवायु परिवर्तन से शताब्दी के अंत तक महासागरों के ‘ट्विलाइट जोन’ में जीवों की संख्या 20 से 40 फीसदी तक घट सकती है। ‘ट्विलाइट जोन’ 200 मीटर से 1000 मीटर तक गहरा होता है।

नयी दिल्ली, 28 अप्रैल अनुसंधानकर्ताओं ने आगाह किया है कि जलवायु परिवर्तन से शताब्दी के अंत तक महासागरों के ‘ट्विलाइट जोन’ में जीवों की संख्या 20 से 40 फीसदी तक घट सकती है। ‘ट्विलाइट जोन’ 200 मीटर से 1000 मीटर तक गहरा होता है।

उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में उच्च उत्सर्जन से ‘ट्विलाइट जोन’ में 150 वर्षों के भीतर कई समुद्री जीव गंभीर रूप से समाप्त हो जाएंगे जिन्हें हजारों सालों तक वापस नहीं पाया जा सकेगा।

‘ट्विलाइट जोन’ को बहुत कम प्रकाश मिलता है, लेकिन यह बहुत प्रकार के जीवों और अरबों टन कार्बनिक पदार्थों का घर है।

ब्रिटेन के विश्वविद्यालयों के शोधकर्ताओं ने नेचर कम्युनिकेशंस पत्रिका में अपने निष्कर्षों का वर्णन किया है।

शोधकर्ताओं ने कहा कि महासागर के‘ट्विलाइट जोन’ के बारे में अपेक्षाकृत कम जानकारी है, लेकिन भविष्य में क्या हो सकता है, इसे पिछले अनुभवों से समझा जा सकता है।

शोध का नेतृत्व करने वाले कार्डिफ विश्वविद्यालय के प्रोफेसर पॉल पियर्सन ने कहा, ‘‘हमने पृथ्वी के अतीत में लगभग पांच करोड़ साल पहले और 1.5 करोड़ साल पहले दो गर्म अवधियों को देखा। इन गर्म अवधियों में ‘ट्विलाइट जोन’में बहुत कम जीव रहते थे,क्योंकि सतह के पानी से बहुत कम भोजन आता था।’’

लिवरपूल विश्वविद्यालय के जेमी विल्सन ने कहा, ‘‘‘ट्विलाइट जोन’ समुद्र के कार्बन चक्र में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसका कारण फाइटोप्लांकटन द्वारा इस्तेमाल किये गये अधिकांश कार्बन डाइऑक्साइड का वहां समाप्त हो जाना है, क्योंकि उनके अवशेष समुद्र की सतह के नीचे डूब जाते हैं।’’

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