विदेश की खबरें | वायरस से मौतों की संख्या ‘विषादपूर्ण है क्योंकि इसे टाला जा सकता था : एंजेला मर्केल
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. मर्केल ने अपना वीडियो संदेश संघीय और राज्य सरकार द्वारा कोविड-19 महामारी की श्रृंखला को तोड़ने के लिए उठाए गए कदमों के दो दिन बाद दिया है जिसे उनका आखिरी साप्ताहिक संदेश माना जा रहा है।
मर्केल ने अपना वीडियो संदेश संघीय और राज्य सरकार द्वारा कोविड-19 महामारी की श्रृंखला को तोड़ने के लिए उठाए गए कदमों के दो दिन बाद दिया है जिसे उनका आखिरी साप्ताहिक संदेश माना जा रहा है।
नए उपायों के तहत टीकाकरण नहीं करवाने वाले लोगों को गैर-आवश्यक वस्तुओं की दुकानों, रेस्तरां और खेल एवं सांस्कृतिक गतिविधियों के आयोजन स्थलों में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। दीर्घकालिक उपाय के तहत संसद टीकाकरण को अनिवार्य बनाने पर विचार कर रही है।
जर्मनी में अबतक 68.9 प्रतिशत लोगों का पूर्ण टीकाकरण हो चुका है लेकिन यह सरकार के 75 प्रतिशत के लक्ष्य से कम है। हाल के दिनों में कोविड-19 के बढ़ रहे मामलों के लिए टीकाकरण नहीं करवाने वाले लोगों को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है।
आधिकारिक आंकड़ों में दिख रहा है कि अब संक्रमण दर में स्थिरता आ रही है लेकिन अब भी इसका स्तर उच्च बना हुआ है।
जर्मनी के राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केन्द्र ने शनिवार को बताया कि बीते 24 घंटे की अवधि में देश में कोरोना वायरस संक्रमण के 64,510 नए मामले सामने आए जबकि इस दौरान 378 मरीजों की मौत हो गयी। देश में अब तक इस महामारी के कारण 1,02,946 लोगों की मौत हो चुकी है।
मर्केल ने अपने संदेश में कहा, ‘‘कोविड-19 की वजह से जान गंवाने वाले अपने पीछे जिन परिवारों और दोस्तों को छोड़ गए हैं वें स्तब्ध, निशब्द और असहाय है। ये कड़वे अनुभव है क्योंकि इससे प्रभावी टीकाकरण की मदद से बचा जा सकता था। हमारे हाथों में इसकी कुंजी है।’’
उन्होंने अपने आग्रह को दोहराया कि जर्मन वायरस को गंभीरता से लें। मर्केल ने कहा कि नया ओमीक्रोन स्वरूप ‘ पहले के स्वरूप से भी अधिक संक्रामक लग रहा है। इसलिए टीकाकरण कराएं, यह मायने नहीं रखता कि वह पहली खुराक है या बूस्टर। हर टीकाकरण मदद करेगा।’’
गौरतलब है कि मर्केल के बुधवार को पदभार छोड़ेने की उम्मीद है और उनका स्थान सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता ओलाफ स्कोल्ज लेंगे जो उप चांसलर हैं।
स्कोल्ज ने शनिवार को कहा कि उनकी सरकार का पहला कार्य कोरोना महामारी से पूरी ताकत से लड़ना होगा।
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