ताजा खबरें | नये वक्फ़ कानून से देश के गरीब मुसलमानों एवं महिलाओं की स्थिति में सुधार होगा : भाजपा सांसद अग्रवाल
Get latest articles and stories on Latest News at LatestLY. राज्यसभा में बुधवार को भाजपा के एक सदस्य ने वक्फ़ संशोधन विधेयक को लेकर तमाम तरह की भ्रांतियां फैलाये जाने का आरोप लगाते हुए कहा कि इस विधेयक के प्रावधानों से देश के गरीब, पसमांदा मुसलमानों और महिलाओं की स्थिति सुधारने में मदद मिलेगी।
नयी दिल्ली, तीन अप्रैल राज्यसभा में बुधवार को भाजपा के एक सदस्य ने वक्फ़ संशोधन विधेयक को लेकर तमाम तरह की भ्रांतियां फैलाये जाने का आरोप लगाते हुए कहा कि इस विधेयक के प्रावधानों से देश के गरीब, पसमांदा मुसलमानों और महिलाओं की स्थिति सुधारने में मदद मिलेगी।
उच्च सदन में वक्फ़ संशोधन विधेयक, 2025 पर चर्चा में भाग लेते हुए भारतीय जनता पार्टी के डॉ राधामोहन दास अग्रवाल ने कहा कि कांग्रेस सदस्य नसीर हुसैन जब राज्यसभा का चुनाव जीते थे तो कर्नाटक विधानसभा में पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाये गये थे और इसका विरोध करने पर भारतीय जनता पार्टी के सदस्यों को जेल में डाल दिया गया था।
अग्रवाल ने कहा कि आज का दिन गरीब, पसमांदा मुसलमान भाइयों, विधवा एवं तलाकशुदा बहनों के लिए एक ऐतिहासिक दिन है जो क्रांतिकारी बदलाव लेकर आया गया है। उन्होंने कहा कि हिन्दू समाज ने तमाम बदलाव किए गए हैं किंतु मुसलमान समाज में सुधार के लिए कोई कानून संसद में नहीं लाया गया।
उन्होंने कहा कि नरेन्द्र मोदी सरकार ने मुसलमान समाज में सुधार के लिए पहली बार कानून लाने की पहल की है। उन्होंने उज्ज्वला सहित विभिन्न योजनाओं का उल्लेख किया जिसके लाभार्थियों में बड़ी संख्या में मुसलमान शामिल हैं।
भाजपा सदस्य ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के हवाले से सवाल किया कि यदि देश की 20 प्रतिशत आबादी (मुस्लिम) पिछड़ी रह गयी तो क्या देश विकसित बन सकेगा?
उन्होंने कहा कि यदि वक्फ़ की अकूत संपत्ति का बेहतर प्रबंधन हो जाता है तो गरीब मुसलमानों के विकास में मदद मिलेगी।
अग्रवाल ने कहा कि आज पूरे देश में वक्फ़ संशोधन विधेयक के खिलाफ भ्रांतियां फैलायी जा रही हैं। उन्होंने एसडीपीआई संस्था का उल्लेख करते हुए कहा कि इस संस्था ने देश भर में पर्चे बांटकर यह अफवाह फैलायी कि यदि वक्फ़ संशोधन कानून पारित हो गया तो पूरे देश की मस्जिदों पर सरकार का कब्जा हो जाएगा।
उन्होंने आरोप लगाया कि वक्फ़ बोर्ड ने किसी भूमाफिया की तरह जिस जमीन पर हाथ रख दिया, वह उनकी हो गयी तथा वक्फ़ बोर्ड खुद तय कर लेगा कि यह संपत्ति उसकी है कि नहीं। उन्होंने कहा कि जिस गरीब व्यक्ति की यह जमीन है, उसे यह पता भी नहीं चल पाएगा कि उसकी जमीन अब चली गयी। उन्होंने ऐसे तमाम मामलों का उदाहरण दिया।
भाजपा सांसद ने कहा कि वक्फ़ संबंधी न्यायाधिकरण के फैसले के खिलाफ कोई अपील नहीं की जा सकती है।
उन्होंने कहा कि वह जेपीसी के सदस्य थे और समिति के सदस्य होने के नाते कई मुसलमानों से उन्होंने यह पूछा कि पवित्र कुरान या हदीस में कहां लिखा है कि ‘वक्फ़ बाई प्रैक्टिस’ की जमीन वक्फ़ मानी जाएगी। उन्होंने कहा कि इसका किसी के पास जवाब नहीं था और यहां तक कि एआईएमआईएम नेता और जेपीसी सदस्य असदुद्दीन औवेसी ने उनका नाम ‘‘मौलाना राधामोहन दास अग्रवाल’’ रख दिया।
भाजपा सांसद ने कर्नाटक की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए दावा किया कि इसमें कई पूर्व मंत्रियों, सांसदों, विधायकों के नाम हैं जिन्होंने वक्फ़ की जमीन पर कब्जा जमा लिया।
अग्रवाल के भाषण के बाद कांग्रेस के प्रमोद तिवारी ने व्यवस्था का प्रश्न उठाते हुए कहा कि यदि कोई सदस्य किसी अन्य सदस्य के खिलाफ आरोप लगाना चाहता है तो उसे पहले सभापति और मंत्री को उसके बारे में जानकारी देनी होती है।
इस पर गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि भाजपा सदस्य ने किसी सदस्य पर आरोप नहीं लगाया बल्कि कहा है कि कुछ लोगों ने ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ के नारे लगाये थे।
कांग्रेस सदस्य हुसैन ने कहा कि उन्होंने उसी समय कर्नाटक सरकार से मांग की थी कि ऐसे नारे लगाने वालों को गिरफ्तार किया जाना चाहिए।
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