जरुरी जानकारी | कोयला मंत्रालय बिजली क्षेत्र की 90.6 करोड़ टन कोयले की मांग को पूरा करेगा: अधिकारी

नयी दिल्ली, सात फरवरी कोयला मंत्रालय वर्ष 2025-26 में बिजली क्षेत्र के लिए अनुमानित 90.6 करोड़ टन कोयले की मांग को पूरा करने के लिए तैयार है। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

कोयला मंत्रालय की अतिरिक्त सचिव विस्मिता तेज ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि आने वाले गर्मी के मौसम में कोयले की आपूर्ति की तैयारियों के लिए अंतर-मंत्रालयी और सचिव स्तर पर बैठकें भी चल रही हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘वित्तवर्ष 2026 के लिए, बिजली मंत्रालय ने हमें अपनी मांग से अवगत करा दिया है और यह 90.6 करोड़ टन है। हम इस लक्ष्य को अपने तीन प्रमुख कोयला उत्पादक स्रोतों - कोल इंडिया, कैप्टिव और वाणिज्यिक खदान और सिंगरेनी (कोलियरीज कंपनी लिमिटेड) के बीच वितरित करेंगे।’’

वित्तवर्ष 2025-26 के लिए आवश्यकता इससे पिछले वित्त वर्ष के मुकाबले 3.66 प्रतिशत अधिक है। उन्होंने कहा कि वित्तवर्ष 2025 की मांग भी पूरी हो जाएगी।

इस साल गर्मियों की तैयारियों के बारे में तेज ने कहा कि कोयला आपूर्ति की तैयारियों पर चर्चा करने के लिए अंतर-मंत्रालयी समिति अक्सर बैठक करती है। यह बैठक सप्ताह में दो बार मंत्रालय स्तर पर और महीने में एक बार सचिव स्तर पर होती है।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल-जनवरी की अवधि में कुल कोयला उत्पादन 5.88 प्रतिशत बढ़कर 83 करोड़ 6.6 लाख टन हो गया, जबकि पिछले वित्तवर्ष की इसी अवधि में यह 78 करोड़ 45.1 लाख टन था।

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