खेल की खबरें | पिछले दो टेस्ट मैच मैंने सबसे मुश्किल पिचों पर खेले: बेन फॉक्स

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Sports at LatestLY हिन्दी. इंग्लैंड के विकेटकीपर बल्लेबाज बेन फॉक्स ने कहा कि स्पिनरों की मददगार चेपॉक (चेन्नई) और गुलाबी गेंद से मोटेरा (अहमदाबाद) की पिच पर खेले गये पिछले दो टेस्ट मैच उनके अंतरराष्ट्रीय करियर के सबसे मुश्किल मुकाबले रहे।

अहमदाबाद, 28 फरवरी इंग्लैंड के विकेटकीपर बल्लेबाज बेन फॉक्स ने कहा कि स्पिनरों की मददगार चेपॉक (चेन्नई) और गुलाबी गेंद से मोटेरा (अहमदाबाद) की पिच पर खेले गये पिछले दो टेस्ट मैच उनके अंतरराष्ट्रीय करियर के सबसे मुश्किल मुकाबले रहे।

अनुभवी रविचंद्रन अश्विन और अक्षर पटेल की शानदार स्पिन गेंदबाजी के दम पर इन दोनों मैचों में प्रभावशाली जीत के साथ भारतीय टीम चार मैचों की श्रृंखला में 2-1 से आगे हो गयी है।

रोटेशन नीति के कारण जोस बटलर की जगह टीम में शामिल हुए फोक्स ने यहां ऑनलाइन संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘ मैंने जितनी विकेटकीपिंग की है, पिछले दो मैच मेरे लिए सबसे मुश्किल रहे है। पिछले मैच में गुलाबी गेंद स्किड (फिसल) कर रही थी, मैंने पहले ऐसी पिच नहीं देखी है और इस पर कीपिंग करना काफी चुनौतीपूर्ण था।’’

फोक्स ने कहा कि उन्होंने इससे पहले क्रिकेट गेंद को इतना टर्न (घुमाव) मिलते हुए पहले कभी नहीं देखा है।

उन्होंने कहा, ‘‘ मैंने अभी जिन दो पिचों पर खेला है, इससे पहले गेंद को इतना टर्न लेते हुए कभी नहीं देखा है। यह निश्चित रूप से बहुत चुनौतीपूर्ण है। यह पहले ही दिन पिच का बर्ताव पांचवें दिन के जैसा है।’’

दुनिया के अच्छे विकेटकीपरों में शामिल फोक्स के लिए पिछले दो मैच सीखने के नजरिये से बेहतरीन थे।

उन्होंने कहा, ‘‘ जब गेंद को टर्न मिलता है तो विकेटकीपिंग करना काफी रोचक होता है और श्रीलंका में यह आसान था क्योंकि वहां गेंद नियमित तरीके से स्पिन होती थी। गुलाबी गेंद से टेस्ट में मैंने देखा कि गेंद ज्यादा घूम रही है और पिच से फिसल कर आ रही है।’’

उन्होंने कहा कि ऐसी पिचों पर कोई भी विकेटकीपर सभी कैचों को नहीं पकड़ सकता।

उन्होंने कहा, ‘‘ ऐसी पिचों पर आप सभी गेंद को नहीं पकड़ सकते।’’

​​पिछले टेस्ट को देखते हुए तो फोक्स ने कहा कि टीम को यह बात मानने की जरूरत है कि पिच का व्यवहार एक निश्चित तरीके से होगा लेकिन उन्हें अपना सर्वश्रेष्ठ करना होगा।

फॉक्स ने कहा, ‘‘ जो चल रहा है उसे समझ कर हम बेहतर तरीके से उससे बाहर निकलेंगे। हमें जूझारूपन दिखाकर रन बनाना होगा। हमें अपनी खेल योजना को समझना होगा, जो सबके लिए अलग होगा। अगर आप आउट भी होते है तो कुछ कोशिश करते हुए आउट होना है।’’

उन्होंने कहा इंग्लैंड यहां जीत के लिए उतरेगा और उसे इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि भारतीय टीम विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप से बाहर हो जाए।

उन्होंने कहा, ‘‘ भारत ने हमें हर विभाग में पछाड़ दिया है और अगर हम श्रृंखला को 2-2 की बराबरी पर ला सकते है तो यह शानदार नतीजा होगा।

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