विदेश की खबरें | सतत विकास लक्ष्यों के स्थानीयकरण का भारतीय मॉडल प्रासंगिक है: सुमन बेरी
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संयुक्त राष्ट्र, 14 जुलाई नीति आयोग के उपाध्यक्ष सुमन बेरी ने सतत विकास लक्ष्यों के स्थानीयकरण के भारतीय मॉडल की सफलता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि देशों को अच्छे परिणाम देने वाले मॉडलों की पहचान करने की जरूरत है क्योंकि ''हमारे पास ज्यादा समय नहीं बचा है।''
वह ‘‘एसडीजी स्थानीयकरण का भारतीय मॉडल : 2030 एजेंडे के पूर्ण क्रियान्वयन की ओर’’ विषय को लेकर सतत विकास पर संयुक्त राष्ट्र के उच्च स्तरीय राजनीतिक मंच के एक विशेष भारतीय सत्र को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने यह टिप्पणी ऐसे समय में की है जब दुनिया भर के देश संयुक्त राष्ट्र के महत्वाकांक्षी लक्ष्यों को हासिल करने की दिशा में काम कर रहे हैं।
बेरी ने बुधवार को कहा, '' कार्रवाई की जरूरत वाले दशक में, हमें अच्छे परिणाम देने वाले मॉडलों की पहचान करनी होगी। हमारे पास शुरुआत से समाधान विकसित करने का समय नहीं है और शायद सतत विकास लक्ष्यों के स्थानीयकरण का भारतीय मॉडल प्रासंगिक है। सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने का मार्ग लंबा और चुनौतीपूर्ण है, लेकिन रोमांचक और आकर्षक भी है।’’
इस कार्यक्रम का आयोजन नीति आयोग, संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन, संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी)-भारत और भारत में संयुक्त राष्ट्र ने किया था।
बेरी ने बीते 6-7 साल में भारत की उपलब्धियों और परिणामों पर भी प्रकाश डाला।
बेरी ने कहा, “भारत जैसे विशाल आबादी वाले देश में जब इतनी व्यापक उपलब्धियां हासिल की जाती हैं, तो यह दो तरह से काम आती हैं। पहला, यह अपने आप में वैश्विक स्तर पर एसडीजी की उपलब्धि की दिशा में पर्याप्त प्रगति का प्रतिनिधित्व करती हैं। दूसरा, यह बड़े पैमाने पर परिणाम देने के भारत के प्रयासों को भी दर्शाती है।''
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