देश की खबरें | उच्च न्यायालय ने कलाकारों की अर्जियां खारिज कर सरकारी आवास खाली करने को कहा
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. दिल्ली उच्च न्यायालय ने मकान खाली करने के लिए केंद्र द्वारा दिये गये नोटिस के खिलाफ कई भारतीय शास्त्रीय कलाकारों की अर्जियां शुकवार को खारिज कर दी और उन्हें यहां सरकारी आवंटित आवास दो महीने में खाली करने का निर्देश दिया।
नयी दिल्ली, 25 फरवरी दिल्ली उच्च न्यायालय ने मकान खाली करने के लिए केंद्र द्वारा दिये गये नोटिस के खिलाफ कई भारतीय शास्त्रीय कलाकारों की अर्जियां शुकवार को खारिज कर दी और उन्हें यहां सरकारी आवंटित आवास दो महीने में खाली करने का निर्देश दिया।
अदालत ने कहा कि याचिकाकर्ता कलाकारों को आवास सरकार को वापस सौंप देने के लिए दो महीने की अवधि दी जाती है ताकि वे गरिमा के साथ वैकल्पिक इंतजाम कर सकें और आवासीय परिसर खाली कर दें।
केंद्र ने सरकारी परिसरों को खाली करने के लिए 31 दिसंबर, 2020 तक की समय सीमा दी थी लेकिन उसके इस आदेश पर याचिकाएं दायर करने के बाद रोक लगा दी गयी थी।
अदालत ने कहा कि यदि याचिकाकर्ता केंद्र के आदेश का पालन नहीं करते हैं तो केंद्र कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र है।
न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा ने 50 पन्नों के फैसले में कहा, ‘‘ उपरोक्त अवधि में याचिकाकर्ताओं द्वारा परिसर नहीं खाली करने पर प्रतिवादी कानून के अनुसार उचित कार्रवाई करने को स्वतंत्र हैं।’’
अदालत ने मोहिनीनृत्यम नृत्यांगना भारती शिवाजी, कुचीपुडी नर्तक गुरू वी जयरामा राव, मायाधर राउत, ध्रुपद गायक उस्ताद एफ वसीफुद्दीन डागर, रानी सिंघल, कथक विशेषज्ञ गीतांजलि लाल, के. आर. सुबाना, कमल साबरी, देवराज डाकोजी, कमलिनी, जतिन दास, पंडित भजन सोपोरी और रीता गांगुली की अर्जियों पर यह फैसला सुनाया।
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