देश की खबरें | सरकार ने पीएम-केयर्स लाभार्थियों को मुफ्त कोचिंग प्रदान करने के लिए योजना को अद्यतन किया
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नयी दिल्ली, 20 फरवरी सरकार ने अनुसूचित जाति (एससी) और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के छात्रों के साथ-साथ पीएम-केयर्स योजना के तहत आने वाले बच्चों को उच्च गुणवत्ता वाली कोचिंग प्रदान करने के लिए योजना को अद्यतन किया है।
मूलतः छठी पंचवर्षीय योजना के दौरान शुरू की गई इस निशुल्क कोचिंग योजना में इसकी प्रभावशीलता बढ़ाने के लिए पिछले कुछ वर्षों में कई संशोधन किए गए हैं।
अद्यतन कदम के तौर पर पीएम-केयर्स लाभार्थियों को भी इसका लाभ दिया गया है और इस श्रेणी के छात्रों के लिए जाति और आय संबंधी नियम हटा दिए गए हैं।
अद्यतन योजना के दिशानिर्देशों के अनुसार, इस योजना के अंतर्गत छात्रों को विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए कोचिंग मिलेगी।
इनमें संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) और राज्य लोक सेवा आयोगों द्वारा आयोजित सिविल सेवा परीक्षाएं, साथ ही बैंकों, बीमा कंपनियों और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (पीएसयू) से जुड़ी अधिकारी-ग्रेड भर्ती परीक्षाएं शामिल हैं।
इसके अतिरिक्त, इस योजना में इंजीनियरिंग (आईआईटी-जेईई), चिकित्सा (नीट), प्रबंधन (कैट) और कानून (सीएलएटी) जैसे क्षेत्रों में प्रमुख संस्थानों के लिए प्रवेश परीक्षाएं शामिल हैं। अंतरराष्ट्रीय अध्ययन के इच्छुक छात्रों को भी मानकीकृत परीक्षाओं के लिए कोचिंग की सुविधा मिलेगी।
इस योजना के तहत सालाना कुल 3,500 छात्रों का चयन किया जाएगा। इनमें से 70 प्रतिशत सीट एससी छात्रों को आवंटित की जाएंगी, जबकि 30 प्रतिशत सीट ओबीसी छात्रों के लिए आरक्षित होंगी।
इसके अतिरिक्त, प्रत्येक श्रेणी में कुल सीट में से 30 प्रतिशत सीट महिला उम्मीदवारों के लिए आरक्षित होंगी। यदि किसी श्रेणी में पर्याप्त महिला आवेदक नहीं हैं, तो शेष सीट उसी श्रेणी के पुरुष उम्मीदवारों द्वारा भरी जाएंगी।
पीएम-केयर्स लाभार्थियों के मामले में, योजना के तहत प्रवेश पाने वाले छात्रों की संख्या पर कोई सीमा नहीं होगी।
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