जरुरी जानकारी | सरकार ने संशोधित एथनॉल योजना की घोषणा की, सहकारी चीनी मिलों में साल भर हो सकेगा उत्पादन
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. केंद्रीय खाद्य मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि उसने सहकारी चीनी मिलों को अपने गन्ना आधारित एथनॉल संयंत्रों को विविध कच्चा माल सुविधाओं में बदलने में मदद करने के लिए एक योजना बनाई है। इससे मक्का और क्षतिग्रस्त खाद्यान्न का उपयोग करके साल भर संचालन संभव हो सकेगा।
नयी दिल्ली, सात मार्च केंद्रीय खाद्य मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि उसने सहकारी चीनी मिलों को अपने गन्ना आधारित एथनॉल संयंत्रों को विविध कच्चा माल सुविधाओं में बदलने में मदद करने के लिए एक योजना बनाई है। इससे मक्का और क्षतिग्रस्त खाद्यान्न का उपयोग करके साल भर संचालन संभव हो सकेगा।
संशोधित एथनॉल ब्याज सहायता योजना के तहत घोषित इस पहल के तहत एक साल की स्थगन अवधि सहित पांच साल के लिए छह प्रतिशत सालाना या बैंक ब्याज दर का 50 प्रतिशत, जो भी कम हो, ब्याज सब्सिडी प्रदान की जाएगी।
मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘‘इस बदलाव से सहकारी चीनी मिलों को सामान्य चार-पांच महीने के गन्ना पेराई सत्र से आगे भी परिचालन जारी रखने की सुविधा मिलेगी।’’
इस पहल का उद्देश्य सरकार के पेट्रोल के साथ एथनॉल मिश्रण (ईबीपी) कार्यक्रम का समर्थन करना है, जिसका लक्ष्य वर्ष 2025 तक पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथनॉल मिश्रण को संभव बनाना है।
मंत्रालय ने कहा कि यह योजना सहकारी चीनी मिलों की परिचालन अक्षमताओं को संबोधित करती है, जिससे उन्हें गन्ना अनुपलब्ध होने पर वैकल्पिक कच्चे माल को संसाधित करने में सक्षम बनाया जाता है। इससे उनकी वित्तीय लाभप्रदता में सुधार होता है और राष्ट्रीय जैव ईंधन लक्ष्यों में योगदान मिलता है।
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