देश की खबरें | कुलपतियों की नियुक्ति को लेकर नीतीश कुमार सरकार और राजभवन के बीच विवाद गहराया

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. विश्वविद्यालयों में कुलपतियों की नियुक्ति के लिए राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर के सचिवालय द्वारा विज्ञापन जारी किए जाने के बाद इसी नियुक्ति के संबंध में बिहार शिक्षा विभाग ने आवेदन आमंत्रित किए हैं जिससे इस मुद्दे पर नीतीश कुमार नीत राज्य सरकार और राजभवन के बीच जारी विवाद और गहरा हो गया है।

पटना, 23 अगस्त विश्वविद्यालयों में कुलपतियों की नियुक्ति के लिए राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर के सचिवालय द्वारा विज्ञापन जारी किए जाने के बाद इसी नियुक्ति के संबंध में बिहार शिक्षा विभाग ने आवेदन आमंत्रित किए हैं जिससे इस मुद्दे पर नीतीश कुमार नीत राज्य सरकार और राजभवन के बीच जारी विवाद और गहरा हो गया है।

कुलाधिपति राज्यपाल अर्लेकर के सचिवालय ने पहले पटना विश्वविद्यालय, ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय (दरभंगा), कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय, बाबासाहेब भीमराव आंबेडकर बिहार विश्वविद्यालय (मुजफ्फरपुर), जयप्रकाश विश्वविद्यालय (छपरा), बीएन मंडल विश्वविद्यालय (मधेपुरा) और आर्यभट्ट नॉलेज यूनिवर्सिटी (पटना) के कुलपतियों की नियुक्ति के लिए आवेदन आमंत्रित किया था। वहीं बिहार के शिक्षा विभाग ने मंगलवार को बीएन मंडल विश्वविद्यालय (मधेपुरा) और आर्यभट्ट नॉलेज यूनिवर्सिटी (पटना) को छोड़कर बाकी पांचों विश्वविद्यालयों के कुलपति पर पर नियुक्ति के लिए आवेदन मांगे।

दोनों विज्ञापनों में इन पदों के लिए आवेदन प्रस्तुत करने के लिए अंतिम तिथि को छोड़कर नियम और शर्तें लगभग समान हैं।

कुलाधिपति सचिवालय के एक परिपत्र के अनुसार, सात विश्वविद्यालयों में पद के लिए आवेदन प्रस्तुत करने की तारीख 24 से 27 अगस्त के बीच है, जबकि शिक्षा विभाग के विज्ञापन में अंतिम तिथि 13 सितंबर है।

नीतीश कुमार नीत राज्य की महागठबंधन सरकार और राजभवन के बीच पहले से ही मुजफ्फरपुर विश्वविद्यालय के कुलपति (वीसी) और प्रो-वीसी के बैंक खातों को फ्रीज किए जाने को लेकर विवाद चल रहा है।

बिहार के शिक्षा विभाग ने 17 अगस्त को अपने अधिकार क्षेत्र के तहत शैक्षणिक संस्थानों के निरीक्षण के दौरान कथित विफलता और विभाग द्वारा बुलाई गई समीक्षा बैठक में भाग नहीं लेने के लिए कुलपति और प्रो-वीसी का वेतन रोक दिया था। विभाग ने शीर्ष अधिकारियों और विश्वविद्यालय के खातों को फ्रीज करने का भी आदेश दिया।

शिक्षा विभाग ने बाद में राजभवन के निर्देश के बावजूद उनके बैंक खातों को फ्रीज करने का आदेश वापस नहीं लिया।

एक दिन बाद, राज्यपाल के प्रधान सचिव रॉबर्ट एल चोंगथु ने संबंधित बैंक को एक पत्र भेजा, जिसमें तत्काल प्रभाव से दोनों अधिकारियों और विश्वविद्यालय के खातों को डीफ्रीज़ करने का निर्देश दिया गया।

इस कारण सत्तारूढ़ महागठबंधन और विपक्षी दल भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप भी चल रहे हैं।

राज्यपाल के समर्थन में आते हुए बिहार भाजपा के प्रवक्ता निखिल आनंद ने पीटीआई- से कहा, ‘‘राज्यपाल के कार्यालय ने कुलपति की नियुक्ति के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं और जब नियत तारीख खत्म होने वाली थी, तो राज्य शिक्षा विभाग ने कुलपति के उन्हीं पदों पर नियुक्ति की सूचना जारी की है।’’

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