देश की खबरें | छात्रावास खोलने, ऑनलाइन परीक्षाएं कराने की छात्रों की मांग को लेकर विश्व-भारती में गतिरोध जारी

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. विश्व-भारती विश्वविद्यालय के छात्रों ने कहा है कि छात्रावासों को पुन: खोलने और ऑनलाइन परीक्षाएं आयोजित कराने की उनकी मांगें जब तक पूरी नहीं हो जातीं, वे रजिस्ट्रार कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन समाप्त नहीं करेंगे और दूसरी ओर रजिस्ट्राट आशीष अग्रवाल का कहना है कि जब तक छात्र प्रदर्शन समाप्त नहीं कर देते, वह अपने कक्ष से बाहर नहीं जाएंगे।

कोलकाता, दो मार्च विश्व-भारती विश्वविद्यालय के छात्रों ने कहा है कि छात्रावासों को पुन: खोलने और ऑनलाइन परीक्षाएं आयोजित कराने की उनकी मांगें जब तक पूरी नहीं हो जातीं, वे रजिस्ट्रार कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन समाप्त नहीं करेंगे और दूसरी ओर रजिस्ट्राट आशीष अग्रवाल का कहना है कि जब तक छात्र प्रदर्शन समाप्त नहीं कर देते, वह अपने कक्ष से बाहर नहीं जाएंगे।

बहरहाल, मौजूदा स्थिति पर चर्चा करने के लिए विभागाध्यक्षों ने बुधवार को बैठक की। इस बीच, कुलपति विद्युत चक्रवर्ती ने एक नोटिस जारी करके घोषणा की कि ‘‘यात्रियों’’ के लिए केंद्रीय कार्यालय, पुस्तकालय और अन्य विभागों के द्वार बंद रहेंगे।

छात्रावासों को पुन: खोलने और ऑनलाइन परीक्षाएं आयोजित कराने की मांग को लेकर 200 से अधिक छात्र प्रदर्शन कर रहे हैं। छात्रों का प्रदर्शन 48 घंटे से भी अधिक समय से जारी है, जबकि रजिस्ट्राट आशीष अग्रवाल अपने कार्यालय में हैं। छात्रों ने दावा किया है कि उन्होंने अग्रवाल का घेराव नहीं किया है और यदि वह चाहते हैं, तो बाहर जा सकते हैं, लेकिन अधिकारी ने कहा कि वह तभी अपने कक्ष से बाहर जाएंगे, जब छात्र प्रदर्शन समाप्त करेंगे।

रजिस्ट्राट ने महाशिवरात्रि की पूजा करने के लिए मंगलवार को अपने कक्ष से बाहर निकलने की कोशिश की थी, लेकिन प्रदर्शनकारी छात्रों ने उन्हें अकेले नहीं जाने दिया और उनके साथ जाने का प्रस्ताव रखा। इसके बाद वह अपने कार्यालय में वापस चले गए और प्रदर्शनकारियों के वहां से हटने तक अपने कक्ष से बाहर जाने से इनकार कर दिया।

प्रदर्शनकारी छात्रों ने रविवार रात खुले में बिताई। उनकी मांग है कि पश्चिम बंगाल और अन्य राज्यों के छात्रों के लिए छात्रावास पुन: खोले जाएं, जिन्हें बोलपुर कस्बे में रहने के लिए बहुत धन खर्च करना पड़ रहा है। उन्होंने यह भी मांग की कि स्नातक और स्नातकोत्तर छात्रों की लंबित सत्र परीक्षाएं ऑनलाइन माध्यम से ली जाएं, क्योंकि पिछले दो वर्ष से पाठ्यक्रम इसी माध्यम में पढ़ाया जा रहा है।

विश्वविद्यालय ने कहा है कि वह सभी विकल्पों पर विचार करने के बाद छात्रावासों को पुन: खोलने पर फैसला करेगा, जो मार्च 2020 के बाद से कोविड-19 महामारी के कारण बंद हैं।

छात्र नेता सोमनाथ सो ने पीटीआई- से कहा, ‘‘रजिस्ट्रार का कहना है कि हम सभी उनके कार्यालय से चले जाएं, तभी वह वहां से जाएंगे। हमने उन्हें सूचित किया है कि हम छात्रावासों के फिर से खुलने तक रुकेंगे। हमने उन्हें मंगलवार को पूर्वाह्न 10 बजे से कई बार वहां से जाने के लिए कहा है, लेकिन वह वहां से जा नहीं रहे हैं।’’

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