ताजा खबरें | वह दिन दूर नहीं, जब स्वदेश विकसित ‘गगनयान’ में अंतरिक्ष यात्रा करेंगे भारतीय नागरिक: मुर्मू

Get latest articles and stories on Latest News at LatestLY. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शुक्रवार को कहा कि वह दिन दूर नहीं, जब कोई भारतीय नागरिक स्वदेशी रूप से विकसित अंतरिक्ष यान ‘गगनयान’ में सवार होकर अंतरिक्ष की यात्रा करेगा।

नयी दिल्ली, 31 जनवरी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शुक्रवार को कहा कि वह दिन दूर नहीं, जब कोई भारतीय नागरिक स्वदेशी रूप से विकसित अंतरिक्ष यान ‘गगनयान’ में सवार होकर अंतरिक्ष की यात्रा करेगा।

बजट सत्र की शुरुआत में संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति मुर्मू ने अंतरिक्ष डॉकिंग प्रयोग में मिली सफलता के लिए भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) की भी सराहना की।

राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘अंतरिक्ष डॉकिंग में हाल की सफलता ने भारत के लिए अपना स्वयं का अंतरिक्ष स्टेशन स्थापित करने का मार्ग प्रशस्त कर दिया है।’’

उन्होंने कहा कि कुछ ही दिन पहले इसरो ने अपना 100वां प्रक्षेपण किया और उपग्रह को सफलतापूर्वक कक्षा में स्थापित किया। ‘‘मैं इस उपलब्धि के लिए इसरो और देश के सभी नागरिकों को बधाई देती हूं।’’

मुर्मू ने कहा कि भारत के युवा स्टार्ट-अप और खेल से लेकर अंतरिक्ष अन्वेषण तक हर क्षेत्र में देश को गौरवान्वित कर रहे हैं।

उन्होंने कहा ‘‘अंतरिक्ष क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए 1,000 करोड़ रुपये का उद्यम पूंजी कोष शुरू किया गया है।’’

‘गगनयान’ इसरो का मानव अंतरिक्ष उड़ान क्षमताओं को हासिल करने का पहला प्रयास होगा।

चालक दल भेजने से पहले, अंतरिक्ष एजेंसी अपनी गगनयान परियोजना के तहत अंतरिक्ष में एक मानव रहित मिशन भेजने की योजना बना रही है।

इसरो का पहला मानव युक्त अंतरिक्ष यान अगले साल के अंत में प्रक्षेपित किए जाने की उम्मीद है।

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