देश की खबरें | अदालत ने अवैध हथियार के मामले में व्यक्ति को बरी करने के फैसले को खारिज किया, दोषी ठहराया

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. दिल्ली की एक अदालत ने धोखाधड़ी और अवैध हथियार के मामले में आरोपी एक व्यक्ति के पक्ष में दिए गए आदेश को खारिज कर दिया और कहा कि उसे बरी करना ‘न्यायिक प्रणाली की विफलता’ है।

नयी दिल्ली, 10 अप्रैल दिल्ली की एक अदालत ने धोखाधड़ी और अवैध हथियार के मामले में आरोपी एक व्यक्ति के पक्ष में दिए गए आदेश को खारिज कर दिया और कहा कि उसे बरी करना ‘न्यायिक प्रणाली की विफलता’ है।

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश विशाल सिंह ने दिसंबर 2019 के मजिस्ट्रेट के आदेश के खिलाफ राज्य की अपील पर सुनवाई के दौरान यह टिप्प्णी की। मजिस्ट्रेट ने आरोपी गुरमीत सिंह बावा उर्फ ​​सनी को धोखाधड़ी, प्रतिरूपण, जाली दस्तावेज रखने, जाली दस्तावेज को असली के रूप में इस्तेमाल करने, धोखाधड़ी करने के लिए दस्तावेजों की जालसाजी और शस्त्र अधिनियम के अपराधों से बरी कर दिया था।

अदालत ने पांच अप्रैल को दिए गए आदेश में कहा, ‘‘गुरमीत सिंह बावा के खिलाफ आरोपों का सार यह था कि उसके पास छह गोलियों से भरी एक अवैध बंदूक पाई गई थी, उसने प्रणभ जैन के रूप में प्रतिरूपण करके सरकारी प्राधिकरण से एक फर्जी राशन कार्ड जारी करवाया और जैन की अपनी झूठी पहचान के पक्ष में क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी से पासपोर्ट जारी करवाने के लिए जाली राशन कार्ड का इस्तेमाल किया।’’

साक्ष्यों की जांच करते हुए अदालत ने कहा कि मजिस्ट्रेट अदालत ने ‘गलती से’ यह माना था कि बावा के खिलाफ प्रतिरूपण, जालसाजी और धोखाधड़ी के आरोप साबित नहीं हुए।

फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला की रिपोर्ट का हवाला देते हुए अदालत ने बावा को जाली राशन कार्ड और पासपोर्ट आवेदन पंजीकरण फॉर्म तैयार करने के लिए उत्तरदायी ठहराया।

पुलिस की अपील को स्वीकार करते हुए अदालत ने फैसले को रद्द कर दिया और बावा को अपराध के लिए दोषी ठहराए जाने का निर्देश दिया। अदालत ने कहा कि दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सजा की घोषणा की जाएगी।

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