देश की खबरें | अदालत ने पुलिस को महिला का पीछा करने की शिकायत की आगे जांच करने को कहा
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मुंबई, 24 नवंबर मुंबई की एक मजिस्ट्रेट अदालत ने पुलिस को एक महिला द्वारा दर्ज कराये गये मामले की आगे की जांच करने को कहा है, जिसमें उसने आरोप लगाया है कि शिवसेना सांसद संजय राउत के कहने पर कुछ लोगों ने उसे परेशान किया और उसका पीछा किया।
साथ ही, अदालत ने जांच में खामियों को गिनाते हुए पुलिसकर्मियों की एक ‘ए-समरी’ रिपोर्ट खारिज कर दी।
मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट एस. बी. भाजीपाले ने 18 नवंबर को पुलिस की रिपोर्ट खारिज कर दी थी। इस बारे में बुधवार को एक विस्तृत आदेश उपलब्ध कराया गया है।
उल्लेखनीय है कि ‘ए-समरी’ रिपोर्ट एक ऐसा दस्तावेज होता है जिसके जरिये पुलिस ऐसे मामले में जांच बंद करने की अनुमति मांगती है, जिसमें उसे पता चलता है कि अपराध तो हुआ है लेकिन आरोपी के खिलाफ पर्याप्त सबूत नहीं है।
मजिस्ट्रेट ने अपने आदेश में कहा कि जांच अधिकारी (आईओ) इस तथ्य पर गौर करने में नाकाम रहें कि 29 जून 2013 को हुई कथित घटना से पहले 16 मई 2013 को भी इसी शिकायतकर्ता के साथ इसी तरह की हरकत की गई थी।
आदेश में कहा गया है कि 39 वर्षीय शिकायतकर्ता ने संदिग्ध लोगों के नाम उपलब्ध कराये लेकिन जांच अधिकारी ने उन लोगों से कभी पूछताछ नहीं की ।
अदालत ने कहा कि यह एक बखूबी स्थापित सिद्धांत है कि प्राथमिकी जानकारी का भंडार नहीं है। एक सतर्क जांच अधिकारी शिकायतकर्ता के पूरक बयान दर्ज करता है। हालांकि मौजूदा मामले में जांच अधिकारी ने ऐसी कोई कोशिश नहीं की।
अदालत ने कहा कि इन परिस्थितियों में शिकायतकर्ता के आरोपों की आगे की जांच जरूरी है।
राउत ने अतीत में इन आरोपों से इनकार किया है।
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