ताजा खबरें | केंद्र ने गाचीबोवली जंगल में पेड़ों की कटाई पर तेलंगाना से रिपोर्ट मांगी है : भूपेंद्र यादव
Get latest articles and stories on Latest News at LatestLY. पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने बृहस्पतिवार को बताया कि केंद्र ने तेलंगाना सरकार को नोटिस भेजकर हैदराबाद विश्वविद्यालय (यूओएच) परिसर के पास कांचा गाचीबोवली वन क्षेत्र में 400 एकड़ भूमि पर पेड़ों की कथित कटाई पर तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी है।
नयी दिल्ली, तीन अप्रैल पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने बृहस्पतिवार को बताया कि केंद्र ने तेलंगाना सरकार को नोटिस भेजकर हैदराबाद विश्वविद्यालय (यूओएच) परिसर के पास कांचा गाचीबोवली वन क्षेत्र में 400 एकड़ भूमि पर पेड़ों की कथित कटाई पर तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी है।
राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान पूरक प्रश्नों का जवाब देते हुए यादव ने कहा, ‘‘हैदराबाद में एक बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण घटना हुई है। मैं यह समझ नहीं पा रहा हूं कि राज्य सरकार को उन पेड़ों और हरित क्षेत्र से आखिर कैसी दुश्मनी है कि उन्हें रात के अंधेरे में अभियान चलाना पड़ रहा है।’’
यादव ने कहा, ‘‘राज्य सरकार ने 400 से अधिक पेड़ काटे हैं। मोर जैसे पक्षी की प्रजातियों को भगाया जा रहा है और आप इसे वीडियो और तस्वीरों में देख सकते हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘इस संबंध में हमने मुख्य सचिव को नोटिस भेजा है और तथ्यात्मक रिपोर्ट भी मांगी है। हम निश्चित रूप से इस मामले पर कार्रवाई करेंगे।’’
यादव बीआरएस सदस्य रविचंद्र वड्डीराजू के पूरक प्रश्नों का जवाब दे रहे थे जिन्होंने कथित तौर पर नष्ट किए जा रहे हरित आवरण को सुरक्षित करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की जानकारी मांगी थी।
पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एसपी) की सदस्य डॉ फौजिया खान द्वारा प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों में बड़ी संख्या में रिक्तियों को लेकर उठाई गई चिंताओं पर कहा कि तकनीकी और वैज्ञानिक दोनों तरह के 11,562 पद रिक्त हैं और महीने के अंत तक सभी पद भर दिए जाएंगे।
उन्होंने कहा, ‘‘हमने इन पदों के लिए मंजूरी दे दी है और हमने यह भी तय किया है कि 30 अप्रैल तक सभी पद भर दिए जाएंगे।’’
‘एयर शेड’ मुद्दे पर पूछे गए पूरक प्रश्न के उत्तर में यादव ने कहा कि मौजूदा सरकार ने सबसे पहले इसे मान्यता दी।
उन्होंने कहा ‘‘दिल्ली में, हम सीक्यूएम (वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग) के विचार के साथ आए और इसे कानूनी दर्जा दिया।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हमने बहुत अच्छे प्रयोग किए हैं और भविष्य में हम इस मामले पर भी कार्रवाई करने जा रहे हैं।’’
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