ताजा खबरें | व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने से अल्पसंख्यक मंत्रालय के वास्तविक खर्च में कमी आई : समिति

Get latest articles and stories on Latest News at LatestLY. संसद की एक समिति ने कहा है कि पिछले वर्षों में अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय का वास्तविक खर्च काफ़ी कम हो गया है, क्योंकि व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त किया गया है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि दुरुपयोग के बिना धन केवल पात्र लोगों तक पहुंचे।

नयी दिल्ली, 19 मार्च संसद की एक समिति ने कहा है कि पिछले वर्षों में अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय का वास्तविक खर्च काफ़ी कम हो गया है, क्योंकि व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त किया गया है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि दुरुपयोग के बिना धन केवल पात्र लोगों तक पहुंचे।

अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय से संबंधित ‘वर्ष 2025-26 के लिए अनुदान की मांगों’ पर आठवीं रिपोर्ट में सामाजिक न्याय और अधिकारिता संबंधी स्थायी समिति ने कहा कि मंत्रालय 2022-23 के दौरान आवंटित 2,612.66 रुपये (संशोधित अनुमान) में से केवल 837.68 करोड़ रुपये ही खर्च कर सका।

समिति का कहना है कि 2023-24 के लिए यह आंकड़ा 1,032.65 करोड़ रुपये और 2,608.93 (संशोधित अनुमान) करोड़ रुपये थी।

रिपोर्ट में कहा गया ह कि 2024-25 में स्थिति में सुधार नहीं हुआ क्योंकि मंत्रालय 31 दिसंबर, 2024 तक 3,183.24 करोड़ रुपये (बजटीय अनुमान) के बजटीय आवंटन में से केवल 919.10 करोड़ रुपये ही खर्च कर पाया।

समिति ने कहा कि उसका मानना ​​है कि पिछले वर्षों के दौरान मंत्रालय का वास्तविक व्यय "काफी कम" हो गया है।

समिति ने कहा कि उसका दृढ़ विश्वास है कि अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय मौजूदा प्रणाली को सुदृढ़ बनाकर मंत्रालय के मिशन को प्राप्त करने के लिए प्रयासरत है, ताकि अल्पसंख्यक योजनाओं का लाभ पात्र उठा सकें और धन का दुरुपयोग नहीं हो।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

\