देश की खबरें | आत्मनिर्भर भारत बनाने के लिए कपड़ा क्षेत्र महत्वपूर्ण :प्रधानमंत्री
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नयी दिल्ली, तीन अक्टूबर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कहा कि आत्मनिर्भर भारत बनाने के लिए कपड़ा क्षेत्र महत्वपूर्ण है और उनकी सरकार कौशल उन्नयन, वित्तीय सहायता तथा इस क्षेत्र को आधुनिक प्रौद्योगिकी के साथ समाविष्ट करने पर विशेष रूप से ध्यान दे रही है।
एक विज्ञप्ति के अनुसार भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (आईसीसीआर) द्वारा वस्त्र परंपराओं पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय वेबिनार को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि भारतीय कपड़ों को विश्व भर में बहुत महत्व दिया जाता है और वे अन्य संस्कृतियों की परंपराओं, शिल्प, उत्पादों तथा तकनीकों से और समृद्ध हुए हैं।
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उन्होंने कहा कि कपड़ा क्षेत्र हमेशा से अवसर प्रदान करता है और घरेलू स्तर पर भारत में यह सबसे अधिक रोजगार प्रदान करने वाला क्षेत्र है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वस्त्रों ने दुनिया के साथ कारोबारी और सांस्कृतिक संबंध बनाने में मदद की है।
प्रधानमंत्री ने ‘संबंध बुनना: वस्त्रों की परंपराएं’ पर आयोजित वेबिनार में भाग लेने के लिए विभिन्न देशों के लोगों को साथ लाने के प्रयासों के लिए आईसीसीआर और उत्तर प्रदेश डिजाइन संस्थान की प्रशंसा की।
उन्होंने कहा कि कपड़ा क्षेत्र में देश का इतिहास, उसकी विविधता देखने को मिलती है और अपार अवसर दिखाई देते हैं।
भारत की वस्त्र परपंराओं पर बोलते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि प्राकृतिक रूप से रंगे सूत और रेशम का लंबा और गौरवमयी इतिहास रहा है और कपड़ों में विविधता देश की संस्कृति की समृद्धि को प्रदर्शित करती है।
बयान के अनुसार उन्होंने कहा कि हर समुदाय, हर गांव और हर राज्य में वस्त्र परपंराओं के बारे में कुछ न कुछ अभिनव होता है और इससे देश के आदिवासी समुदायों की समृद्ध वस्त्र परपराएं भी झलकती हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की समस्त वस्त्र परिपाटियों में रंग, जीवंतता और गहन दृष्टि होती है।
महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के समारोहों के संदर्भ में कार्यक्रम के आयोजन का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि गांधीजी वस्त्र क्षेत्र और सामाजिक सशक्तीकरण के बीच एक जोड़ने वाली कड़ी देखते थे और उन्होंने साधारण से चरखा को भारत के स्वतंत्रता आंदोलन का प्रमुख प्रतीक बना दिया।
उन्होंने कहा कि दुनियाभर में कपड़ा क्षेत्र में अनेक महिलाओं को रोजगार मिलता है और एक जीवंत कपड़ा क्षेत्र महिला सशक्तीकरण के प्रयासों को और मजबूत करेगा।
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