देश की खबरें | आतंकी-गैंगस्टर-मादक पदार्थ गठजोड़ मामला: एनआईए ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने बृहस्पतिवार को कहा कि उसने आतंकवादी-गैंगस्टर-मादक पदार्थ तस्करों के गठजोड़ के खिलाफ देशभर में छापे की कार्रवाई के बाद तीन लोगों को गिरफ्तार किया है।
नयी दिल्ली, 18 मई राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने बृहस्पतिवार को कहा कि उसने आतंकवादी-गैंगस्टर-मादक पदार्थ तस्करों के गठजोड़ के खिलाफ देशभर में छापे की कार्रवाई के बाद तीन लोगों को गिरफ्तार किया है।
तीनों की पहचान परवीन वाधवा उर्फ प्रिंस, इरफान उर्फ चेनू और जस्सा सिंह के रूप में हुई है।
हरियाणा में भिवानी का रहने वाला परवीन वाधवा जेल में बंद लॉरेंस बिश्नोई सहित कुछ कुख्यात गैंगस्टर के साथ "संपर्क" में था। एजेंसी ने दिल्ली के न्यू सीलमपुर में इरफान के घर से हथियार जब्त किए। वह भी "खूंखार गैंगस्टर से जुड़ा है।"
एनआईए ने एक बयान में कहा कि पंजाब के मोगा का रहने वाला जस्सा सिंह कनाडा स्थित 'घोषित आतंकवादी' अर्श ढल्ला के इशारे पर काम कर रहा था।
बयान में कहा गया है, “ परवीन, लॉरेंस बिश्नोई और उसके गिरोह के सदस्य दीपक उर्फ टीनू और संपत नेहरा सहित अन्य सहयोगियों के साथ नियमित संपर्क में था। वह जेलों के अंदर से उनके विशेष संदेशवाहक के रूप में काम कर रहा था।”
एनआईए ने कहा कि इसी तरह, इरफान ने "गैंगस्टर कौशल चौधरी और उसके सहयोगियों सुनील बालियान उर्फ टिल्लू ताजपुरिया सहित अन्य लोगों की संलिप्तता वाली एक आतंकी साजिश में खुद के शामिल होने का खुलासा किया।"
एनआईए ने कहा कि जस्सा सिंह की भूमिका खालिस्तान आतंकी साजिश में "स्थापित" हो गई है और उसने अर्श ढल्ला के इशारे पर पिस्तौल दी थी।
एजेंसी (एनआईए) ने पंजाब और हरियाणा पुलिस के साथ समन्वय करते हुए बुधवार को ‘ऑपरेशन ध्वस्त’ के तहत 324 स्थानों पर छापेमारी की थी।
एनआईए ने कहा है कि इन मामलों में जांच लक्षित हत्याओं, खालिस्तान समर्थक संगठनों की ओर से आतंकवाद का वित्तपोषण और जबरन वसूली और ऐसी ही आपराधिक गतिविधियों से संबंधित साज़िश से जुड़ी है।
उसने कहा कि इनमें पिछले साल महाराष्ट्र के बिल्डर संजय बियानी और पंजाब में अंतरराष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी संदीप नंगल अम्बिया की सनसनीखेज हत्या का मामला भी शामिल है।
एजेंसी ने कहा कि जांच से पता चला है कि विभिन्न राज्यों की जेलों में साजिश रची जा रही थी और विदेश में स्थित गुर्गों के एक संगठित नेटवर्क द्वारा इसे अंजाम दिया जा रहा था।
उसने कहा कि कई जेल घातक गठजोड़ और ‘गैंगवार’ का केंद्र बन गई हैं और इस वजह से हाल में गोइंदवाल जेल और तिहाड़ जेल के अंदर हिंसा और हत्या की घटनाएं हुईं जिसके बाद इन गिरोह पर करीब से निगाह रखी जाने लगी।
एजेंसी ने कहा कि भारत में गिरोह चला रहे अपराधी पाकिस्तान, कनाडा, मलेशिया और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में भाग गए थे। एनआईए ने कहा कि वहां से वे भारत भर की जेलों में बंद अपराधियों के साथ मिलकर गंभीर अपराधों की योजना बनाने में लगे थे।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)