देश की खबरें | तमिलनाडु के मंत्री पोनमुडी ने अपने परिवार को ‘अवैध’ खनन लाइसेंस जारी किए: ईडी

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मंगलवार को आरोप लगाया कि द्रविड़ मुन्नेत्र कषगम (द्रमुक) के नेता और तमिलनाडु के उच्च शिक्षा मंत्री के पोनमुडी ने अपने सांसद बेटे, रिश्तेदारों और कुछ 'बेनामी' धारकों को लाल रेत के खनन के "अवैध" लाइसेंस जारी किए और इस खनन व्यवसाय से अर्जित "हवाला" के धन का उपयोग विदेश में कंपनियां खरीदने के लिए किया गया था।

नयी दिल्ली/चेन्नई, 18 जुलाई प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मंगलवार को आरोप लगाया कि द्रविड़ मुन्नेत्र कषगम (द्रमुक) के नेता और तमिलनाडु के उच्च शिक्षा मंत्री के पोनमुडी ने अपने सांसद बेटे, रिश्तेदारों और कुछ 'बेनामी' धारकों को लाल रेत के खनन के "अवैध" लाइसेंस जारी किए और इस खनन व्यवसाय से अर्जित "हवाला" के धन का उपयोग विदेश में कंपनियां खरीदने के लिए किया गया था।

ईडी ने कहा कि उसने पोनमुडी के आवास से 41.9 करोड़ रुपये की सावधि जमा रसीदों के अलावा 81.7 लाख रुपये की "बेहिसाब नकदी" और विदेशी मुद्रा जब्त की है, जिनमें मुख्य रूप से लगभग 13 लाख रुपये के बराबर के ब्रिटिश पाउंड शामिल हैं।

एजेंसी ने सोमवार को चेन्नई और विल्लुपुरम जिले में 72 वर्षीय पोनमुडी और उनके बेटे गौतम सिगामणि के परिसरों पर छापेमारी की थी, जिसके बाद वह उन्हें पूछताछ और बयान दर्ज करने के लिए चेन्नई में अपने कार्यालय ले गई।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने दोनों को पूछताछ के लिए मंगलवार शाम करीब चार बजे दोबारा बुलाया था।

एजेंसी ने कहा कि इस मामले में उसकी जांच “(2007 से 2011 के बीच) खान मंत्री रहे पोनमुडी द्वारा उनके बेटे, रिश्तेदारों और बेनामी धारकों को अवैध रूप से पांच स्थानों पर लाल रेत के खनन लाइसेंस जारी करने के इर्द-गिर्द घूमती है।

ईडी ने कहा कि इस खनन व्यवसाय से अर्जित "हवाला" धन का उपयोग विदेश में कंपनियां खरीदने के लिए किया गया था।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

\