देश की खबरें | तमिलनाडु विधानसभा में महिलाओं, बच्चों के खिलाफ अपराधों में सजा बढ़ाने वाला विधयेक पारित

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चेन्नई, पांच फरवरी तमिलनाडु विधानसभा ने महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध जैसे दहेज हत्या, महिलाओं का पीछा करना और बच्चों को वेश्यावृत्ति के लिए बेचने आदि में सजा के प्रावधानों को और कड़ा करने के लक्ष्य से शुक्रवार को एक विधेयक पारित किया।

विधयेक के अनुसार, वेश्यावृत्ति के लिए बच्चों को खरीदने-बेचने (भादंसं धारा 372, 373) पर अधिकतम सजा के प्रावधान को वर्तमान 10 साल से बढ़ाकर उम्रकैद और न्यूनतम सात साल कर दिया है।

विधि, न्यायालय और कारागार मंत्री सी. वी. शानमुगम द्वारा पेश इस विधेयक में भारतीय दंड संहिता को तमिलनाडु में लागू करने के हिसाब से संशोधन किया गया है।

मुख्यमंत्री के. पलानीस्वामी ने 16 सितंबर, 2020 को विधानसभा में कहा था कि महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध के मामलों में सजा के प्रावधान और कड़े किए जाएंगे।

भादंसं में संशोधन के साथ ही दहेज हत्या (धारा 304-बी) के लिए न्यूनतम सजा मौजूदा सात साल की जगह 10 साल होगी और जबरन किसी के कपड़े उतारने या उसे नग्न करने (धारा 354-बी) में न्यूनतम सजा को तीन साल से बढ़ाकर पांच साल और अधिकतम सजा को सात से बढ़ाकर 10 साल कर दिया गया है।

ऐसे ही पीछा करने (धारा 354-डी) के मामले में दोबारा या एक से अधिक बार दोषी ठहराए जाने पर अधिकतम सजा का प्रावधान मौजूदा पांच साल से बढ़ाकर सात साल कर दिया गया है।

उच्च शिक्षा मंत्री के. पी. अनबलगन द्वारा ‘डॉक्टर जे. जयललिता विश्वविद्यालय’ की स्थापना को लेकर विधेयक पेश किया गया। विधानसभा ने इसे भी मंजूरी प्रदान की। इस विश्वविद्यालय का विल्लुपुरम में मुख्यालय होगा।

विधानसभा में आज चार विधेयक रखे गए, उनपर विचार हुआ और सभी पारित कर दिए गए।

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