देश की खबरें | दिल्ली की सीमाओं पर इंटरनेट बंद किए जाने का संज्ञान लें प्रधान न्यायाधीश : वकीलों का आग्रह
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नयी दिल्ली, तीन फरवरी प्रधान न्यायाधीश एस ए बोबडे को 140 वकीलों ने पत्र लिखकर आग्रह किया है कि वह किसानों के प्रदर्शन के मद्देनजर दिल्ली की सीमाओं पर इंटरनेट बंद करने के केंद्र के निर्देश का संज्ञान लें और इसपर रोक लगाएं।
पत्र में आग्रह किया गया है कि प्रधान न्यायाधीश केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देश पर स्वत: संज्ञान लें और आदेश को निलंबित करें जिससे कि किसानों के प्रदर्शन के अधिकार की रक्षा हो सके।
उल्लेखनीय है कि केंद्र के तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसान दिल्ली की सीमाओं पर दो महीने से अधिक समय से प्रदर्शन कर रहे हैं। 26 जनवरी के दिन किसानों की ट्रैक्टर परेड के दौरान हुई हिंसा के बाद सरकार ने इंटरनेट बंद करने जैसे कदम उठाए थे।
वकीलों ने प्रधान न्यायाधीश को सुझाव दिया है कि शीर्ष न्यायपालिका को गृह मंत्रालय को निर्देश देना चाहिए कि वह प्रदर्शन स्थलों तथा आसपास के इलाकों में इंटरनेट को आगे और बंद न करे।
इस बीच, केंद्रीय गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने आज कहा कि प्रदर्शन स्थलों पर इंटरनेट पर रोक फिलहाल आगे नहीं बढ़ाई गई है।
प्रधान न्यायाधीश को लिखे गए पत्र में 140 वकीलों के हस्ताक्षर हैं।
पत्र में आग्रह किया गया है कि हिंसा को रोकने में पुलिस की निष्क्रियता और 29 जनवरी के दिन हुए भीड़ के हमले में पुलिस की कथित भूमिका की जांच के लिए आयोग का गठन किया जाना चाहिए।
वकीलों ने पत्र में कहा है, ‘‘किसानों और उनके प्रदर्शन के बारे में भड़काऊ सामग्री तथा अफवाह फैला रहे पत्रकारों और चैनलों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।’’
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