देश की खबरें | सोने की तस्करी मामले में स्वप्ना सुरेश का दावा: न्यायिक हिरासत के दौरान कुछ लोगों ने दी थी धमकी

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. सोना तस्करी मामले की मुख्य आरोपी स्वप्ना सुरेश ने अपनी सुरक्षा की मांग करते हुए मंगलवार को आरोप लगाया कि तिरूवनंतपुरम में जब वह न्यायिक हिरासत में जेल में थी, तब कुछ लोगों ने उन्हें उच्च पदों पर बैठे लागों के नाम का जांच एजेंसियों के समक्ष खुलासा नहीं करने की चेतावनी दी थी।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

कोच्चि(केरल), आठ दिसंबर सोना तस्करी मामले की मुख्य आरोपी स्वप्ना सुरेश ने अपनी सुरक्षा की मांग करते हुए मंगलवार को आरोप लगाया कि तिरूवनंतपुरम में जब वह न्यायिक हिरासत में जेल में थी, तब कुछ लोगों ने उन्हें उच्च पदों पर बैठे लागों के नाम का जांच एजेंसियों के समक्ष खुलासा नहीं करने की चेतावनी दी थी।

उन्होंने यहां एक अदालत में अर्जी देकर न्यायिक हिरसात में सुरक्षा प्रदान किए जाने की मांग की है।

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यह अर्जी अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अदालत(आर्थिक अपराध), एर्नाकुलम में दायर की गई है।

सुरेश ने आरोप लगाया है कि न्यायिक हिरासत के दौरान उनसे मामले में कथित तौर पर संलिप्त उच्च पदों पर बैठे लोागें के नाम का खुलासा नहीं करने को कहा गया था।

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सुरेश ने कहा, ‘‘...उन लोगों ने मुझसे जांच एजेंसी के साथ सहयोग नहीं करने को कहा था। ’’

उन्होंने आरोप लगाया कि उन लोगों ने उन्हें धमकी दी थी कि वे जेल के बाहर उनके परिवार को नुकसान पहुंचा सकते हैं और यहां तक कि जेल के अंदर उन्हें भी नुकसान पहुंचा सकते हैं।

सुरेश ने आरोप लगाया कि उन्हें 25नवंबर 2020 से पहले कई दिन और उस तारीख को भी धमकी दी गई।

मंगलवार को सुरेश की हिरासत की अवधि समाप्त होने के बाद उन्हें अदालत में पेश किया गया था। अदालत ने उन्हें और सह आरोपी सरीथ को 22 दिसंबर तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

अदालत ने एक संबद्ध घटनाक्रम में निलंबित आईएएस अधिकारी एम शिवशंकर की भी न्यायिक हिरासत 22 दिसंबर तक बढ़ा दी।

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