देश की खबरें | उच्चतम न्यायालय नफरती भाषणों, आईटी नियमों से जुड़ी याचिकाओं पर जुलाई में सुनवाई करेगा

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. उच्चतम न्यायालय ने बृहस्पतिवार को कहा कि वह नफरती भाषणों और घृणा अपराधों से जुड़ी याचिकाओं पर 21 जुलाई को सुनवाई करेगा।

नयी दिल्ली, 19 मई उच्चतम न्यायालय ने बृहस्पतिवार को कहा कि वह नफरती भाषणों और घृणा अपराधों से जुड़ी याचिकाओं पर 21 जुलाई को सुनवाई करेगा।

शीर्ष न्यायालय ने कहा कि वह सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यस्थ दिशानिर्देश एवं डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियम,2021 को चुनौती देने से जुड़े विषयों पर भी 19 जुलाई को सुनवाई करेगा।

न्यायमूर्ति ए एम खानविलकर ने कहा कि केबल टेलीविजन नेटवर्क्स (संशोधन) नियम,2021 को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर 20 जुलाई को सुनवाई करेगा।

पीठ के सदस्यों में न्यायमूर्ति ए एस ओका और न्यायमूर्ति जे बी परदीवाला भी शामिल हैं।

पीठ याचिकाओं के एक समूह की सुनवाई कर रही है जिनमें नफरती भाषणों से लेकर आईटी नियम और केबल टीवी नियम को चुनौती देने वाले मुद्दे उठाये गये हैं।

सुनवाई के दौरान सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता ने केंद्र की ओर से पेश होते हुए पीठ से कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत नियम बनाने की शक्तियों के तहत केंद्र सरकार डिजिटल मीडिया अनुशासन नियमों को लेकर आई।

उन्होंने कहा, ‘‘तीन तरह की मीडिया है-प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया। प्रिंट का एक अलग नियामक तंत्र है। इलेक्ट्रॉनिक के पास केबल टीवी एक्ट आदि है और डिजिटल के लिए केंद्र सरकार वैधानिक नियमन लेकर आई। ’’

मेहता ने कहा कि नियमन व्यापक रूप से एक तंत्र मुहैया करता है, जिसमें एक त्रिस्तरीय व्यवस्था है।

मेहता ने कहा कि इसमें तीसरे स्तर पर सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्रालय और गृह मंत्रालय का अंतर-मंत्रालयी समूह है, जिसमें बाहरी लोग मंत्रालय का सहयोग करेंगे।

उन्होंने कहा, ‘‘और मंत्रालय को सेंसर करने, उन सभी को माफी मांगने के लिए कहने या प्रकाशित करने की खास शक्तियां प्राप्त हैं। ’’

दलीलें सुनने के बाद, पीठ ने इन विषयों की सुनवाई जुलाई के लिए निर्धारित करते हुए यह भी कहा कि यदि सुनवाई की अगली तारीख से पहले तत्काल आदेश की कोई जरूरत होगी तो वह पक्षकारों को उपयुक्त राहत के लिए न्यायालय की अवकाश पीठ के पास आने की छूट होगी।

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