जरुरी जानकारी | ई-वाणिज्य मंचों से सामान पर विनिर्माता देश का नाम’ अंकित करने के विषय में मांगे गये सुझाव

नयी दिल्ली, 24 जून उद्योग एवं आतंरिक व्यापार प्रोत्साहन विभाग (डीपीआईआईटी) ने बुधवार को अमेजन और फ्लिपकार्ट जैसी ई- वाणिज्य प्लेटफार्म उपलब्ध कराने वाली कंपनियों से उनके प्लेटफार्म पर बिकने वाले प्रत्येक उत्पाद पर ‘‘उनके उद्गम देश’’ का नाम अंकित किये जाने के बारे में उनके विचार मांगे हैं। सूत्रों ने यह जानकारी दी है।

सूत्रों ने बताया कि ई- वाणिज्य कंपनियों ने कहा है कि इस प्रकार की सूचना को उत्पादों पर दर्शाने का काम हो सकता है लेकिन इसे अमल में लाने के लिये उन्हें कुछ समय देना होगा।

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डीपीआईआईटी द्वारा बुलाई गई बेठक में इस बारे में विस्तारपूर्वक चर्चा हुई। अमेजान, फ्लिपकार्ट, स्नेपडील, टाटा क्लिक, पेटीएम, उड़ान और पेप्परफ्राई ने वीडियो कन्फ्रेंसिंग के जरिये इस बैठक में भाग लिया।

यह बैठक ऐसे समय हुई है जब लद्दाख सीमा पर भारत और चीन के बीच तनाव बना हुआ है और देश में चीन में बने सामान के बहिष्कार को लेकर आह्वान किया जा रहा है।

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वहीं भारत सरकार के खरीद पोर्टल जीईएम में भी सामानों के आपूर्तिकर्ता और विक्रेताओं के लिये किसी भी नये सामान को पोर्टल पर पंजीकृत करते समय उसके मूल उद्गम देश के बारे में जानकारी देना आवश्यक होगा।

सूत्रों का कहना है कि उत्पादों के मूल उद्गम देश के बारे में जानकारी प्रकाशित होने के बाद खरीदार उस सामान को खरीदने से पहले बेहतर निर्णय ले सकेंगे।

बैठक में कंपनियों ने डीपीआईआईटी को यह भी सुझाव दिया कि इस बारे में वह विक्रेताओं के विचार भी जान लें तो बेहतर होगा क्योंकि अनुपालन में विक्रेताओं को भी शामिल होना होगा।

सूत्रों ने बताया कि डीपीआईआईटी संभवत: कुछ दिनों में इस मुद्दे पर एक और बैठक कर सकता है।

देश के खुदरा व्यापारियों के संगठन कैट ने सरकार से इसकी मांग की थी कि वह ई-वाणिज्य कंपनियों के लिये उनके द्वारा बेचे जाने उत्पादों पर ‘‘उसके मूल उद्गम स्थान अथवा देश’’ के बारे में उल्लेख करना अनिवार्य करे।

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