देश की खबरें | छात्रों, कर्मचारियों से डीयू के कुलपति का ‘एक्स’ अकाउंट ‘फॉलो’ करने और ‘पोस्ट’ साझा करने को कहा गया

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) के शहीद भगत सिंह कॉलेज ने अपने छात्रों और कर्मचारियों से कुलपति योगेश सिंह के आधिकारिक ‘एक्स अकाउंट’ को ‘फॉलो’ करने और भारतीय सशस्त्र बलों के साथ एकजुटता व्यक्त करने वाले उनके ‘पोस्ट’ को सक्रिय रूप से साझा करने को कहा है।

नयी दिल्ली, 14 मई दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) के शहीद भगत सिंह कॉलेज ने अपने छात्रों और कर्मचारियों से कुलपति योगेश सिंह के आधिकारिक ‘एक्स अकाउंट’ को ‘फॉलो’ करने और भारतीय सशस्त्र बलों के साथ एकजुटता व्यक्त करने वाले उनके ‘पोस्ट’ को सक्रिय रूप से साझा करने को कहा है।

प्राचार्य अरुण कुमार अत्री द्वारा हस्ताक्षरित एवं 12 मई को जारी एक आधिकारिक नोटिस में शहीद भगत सिंह कॉलेज प्रशासन ने कहा, ‘‘कॉलेज के सभी शिक्षकों, कर्मचारियों और छात्रों से अनुरोध है कि वे कुलपति प्रो. योगेश सिंह के आधिकारिक ट्विटर (अब ‘एक्स’) अकाउंट को फॉलो करें।’’

नोटिस में कहा गया, ‘‘कॉलेज समुदाय को मंच के माध्यम से साझा किए गए ‘पोस्ट’ को ‘रीट्वीट’ करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है’’ ताकि देश के रक्षा बलों के प्रति समर्थन और कृतज्ञता जताई जा सके।

इसमें कहा गया, ‘‘इन संदेशों को आगे बढ़ाकर हम न केवल उनके साहस एवं बलिदान के बारे में जागरूकता बढ़ाएंगे बल्कि हमारे समुदाय में राष्ट्रीय गौरव एवं एकता की मजबूत भावना पैदा करने में भी योगदान देंगे।’’

सिंह ने इस महीने की शुरूआत में ‘एक्स’ पर अपना ‘अकाउंट’ बनाया था और आठ मई को पहली ‘पोस्ट’ साझा की थी। उन्होंने 22 अप्रैल को हुए पहलगाम आतंकवादी हमले के जवाब में भारत द्वारा शुरू किए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर 12 मई को एक ‘पोस्ट’ साझा की थी।

सिंह ने ‘एक्स’ पर लिखा था, ‘‘भारतीय सशस्त्र बलों ने ‘ऑपरेशन सिन्दूर’ के तहत पाकिस्तानी आतंकवादी अड्डों को नेस्तनाबूद करने के साथ-साथ 100 से अधिक आतंकवादियों को जमींदोज कर दिया, जिनमें आईसी814 के अपहरणकर्ता और पुलवामा के दहशतगर्द भी शामिल थे।’’

उन्होंने कहा था, ‘‘हमारी सेना और सरकार, सामरिक कारणों से, देश के हित को सर्वोपरि रखते हुए सामरिक काम ज्यादा करती है और कम बोलती है।’’

उन्होंने ‘पोस्ट’ के अंत में रामधारी सिंह दिनकर की हिंदी कविता ‘‘परशुराम की प्रतीक्षा’’ की पंक्तियां लिखीं और सशस्त्र बलों एवं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रति एकजुटता और समर्थन का आह्वान किया।

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