देश की खबरें | दिल्ली के वायु प्रदूषण में पराली जलाये जाने की हिस्सेदारी बढ़ कर 36 प्रतिशत हुई :सफर
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, 29 अक्टूबर दिल्ली के ‘पीएम 2.5’ प्रदूषण में पराली जलाये जाने से निकलने वाले प्रदूषकों की हिस्सेदारी बृहस्पतिवार को बढ़ कर 36 प्रतिशत हो गई, जो इस मौसम में सर्वाधिक है। केंद्र सरकार की वायु गुणवत्ता निगरानी एजेंसी ने यह जानकारी दी।

‘पीएम 2.5’ वायु में मौजूद 2.5 माइक्रोमीटर से कम व्यास के कण हैं।

यह भी पढ़े | Eid-e-Milad Un Nabi 2020 Wishes: हजरत मोहम्मद साहब के जन्मदिन पर अपनों को भेजें ये आकर्षक GIF Wishes, WhatsApp-Facebook Stickers और कहें ईद-ए-मिलाद मुबारक.

पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय की वायु गुणवत्ता निगरानी एजेंसी ‘सफर’ के मुताबिक, पड़ोसी राज्यों में खेतों में पराली जलाये जाने की 2,912 घटनाएं बुधवार को दर्ज की गईं, जो इस मौसम में सर्वाधिक हैं।

सफर ने कहा, ‘‘दिल्ली में पीएम 2.5 के 36 प्रतिशत सकेंद्रण के लिये पराली जलाये जाने की घटनाएं जिम्मेदार हैं। ’’

यह भी पढ़े | Bihar Assembly Election 2020: कांग्रेस उम्मीदवार मशकूर अहमद उस्मानी का भाषण के दौरान टूटा मंच, देखें VIDEO.

यह संकेंद्रण बुधवार को 18, मंगलवार को 23 और सोमवार को 16, रविवार को 19 और शनिवार को नौ प्रतिशत था।

दिल्ली में दोपहर दो बजे वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 402 दर्ज किया गया। एक्यूआई का 24 घंटे का औसत बुधवार को 297, मंगलवार को 312, सोमवार को 353, रविवार को 349, शनिवार को 345 और शुक्रवार को 366 था।

शून्य से 50 के बीच के एक्यूआई को ‘अच्छा’, 51 से 100 के बीच को ‘संतोषजनक’, 101 और 200 के बीच को ‘मध्यम’, 201 से 300 तक को ‘खराब’ और 301 से 400 के बीच को ‘बहुत खराब’ तथा 401 से 500 तक को ‘गंभीर’ माना जाता है।

सफर ने कहा कि स्थानीय स्तर पर पैदा हुए प्रदूषकों और पराली जलाये जाने वाले क्षेत्रों से आने वाली उत्तर पछुआ पवनों के चलते आए बाहरी प्रदूषक पीएम 2.5 के स्तर में वृद्धि के लिये जिम्मेदार हैं।

सफर ने कहा कि सतह पर चलने वाली वायु गति और बेहतर मौसमी दशाओं के चलते स्थिति में शनिवार तक सुधार होने की संभावना है।

मौसम विभाग के मुताबिक, बृहस्पतिवार को वायु गति की दिशा उत्तर की ओर थी और अधिकतम वायु गति आठ किमी प्रति घंटा थी। न्यूनतम तापमान 12.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो 26 वर्षों में अक्टूबर महीने में सबसे कम था।

शांत हवाएं और कम तापमान प्रदूषकों को जमीन के करीब ही रखती हैं, जबकि वायु गति अधिक रहने से उनका छितराव होता है।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)