जरुरी जानकारी | प्रति व्यक्ति 160 किग्रा खपत के लिए इस्पात की मांग में सालाना नौ प्रतिशत वृद्धि की जरूरत: इक्रा

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. देश में इस्पात की खपत को प्रति व्यक्ति 160 किलोग्राम के स्तर तक बढ़ाने के लिए अगले एक दशक के दौरान सालाना उपभोग में नौ प्रतिशत वृद्धि की जरूरत है।

नयी दिल्ली, 12 अक्टूबर देश में इस्पात की खपत को प्रति व्यक्ति 160 किलोग्राम के स्तर तक बढ़ाने के लिए अगले एक दशक के दौरान सालाना उपभोग में नौ प्रतिशत वृद्धि की जरूरत है।

रेटिंग एजेंसी इक्रा की एक रिपोर्ट में बुधवार को यह बात कही गई है।

राष्ट्रीय इस्पात नीति (एनएसपी) में खपत को प्रति व्यक्ति 160 किलोग्राम तक बढ़ाने का लक्ष्य तय किया गया है। एनएसपी 2017 में लाई गई थी और इसका लक्ष्य 2030-31 तक देश में कच्चे इस्पात के उत्पादन को 30 करोड़ टन तक बढ़ाना है।

इक्रा के वरिष्ठ उपाध्यक्ष और समूह प्रमुख (कॉरपोरेट क्षेत्र रेटिंग) जयंत रॉय ने कहा कि भारत में इस समय प्रति व्यक्ति इस्पात की मांग 76 किलोग्राम है, जो वैश्विक औसत 233 किलोग्राम प्रति व्यक्ति से काफी नीचे है। भारत में खपत ब्राजील, रूस, दक्षिण अफ्रीका और चीन (ब्रिक्स देश) के मुकाबले भी कम है।

उन्होंने बताया कि देश में इस्पात की खपत को 2031 तक बढ़ाकर प्रति व्यक्ति 160 किलोग्राम करने के लिए अगले एक दशक में घरेलू इस्पात खपत में सालाना नौ प्रतिशत वृद्धि की जरूरत होगी।

रॉय ने आगे कहा, ‘‘बीते दशक में हासिल की गई आंकड़ों के मुकाबले यह लक्ष्य दोगुना है। इस लक्ष्य को हासिल करना हालांकि बेहद चुनौतीपूर्ण है, लेकिन यह असंभव नहीं है। देश अतीत में भी इस तरह की वृद्धि दर्ज कर चुका है।’’

रेटिंग एजेंसी के मुताबिक, उच्च मुद्रास्फीति और चीन में रियल एस्टेट संकट के चलते व्यापक आर्थिक अस्थिरता के बावजूद भारत की इस्पात मांग मजबूत रही है।

रिपोर्ट में कहा गया कि घरेलू इस्पात मांग 2022-23 की पहली छमाही में सालाना आधार पर 11.1 प्रतिशत बढ़ी। इसके साथ ही भारत इस समय दुनिया का सबसे तेजी से बढ़ रहा इस्पात बाजार बन गया है।

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