कोरोना और गरीबी के विरुद्ध संघर्ष में प्रदेश सरकार को कुछ सफलता भी मिल रही है: हेमन्त सोरेन
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मुख्यमंत्री ने यहां जारी एक बयान में प्रदेश के समक्ष चुनौतियों का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘हम यह संघर्ष मुख्यतः दो मोर्चों पर लड़ रहे हैं, पहला (कोरोना वायरस) संक्रमण एवं दूसरा भूख और गरीबी के विरुद्ध। अपने सीमित संसाधनों के बावजूद पूरी शक्ति से लड़ रहें है और कुछ सफलता भी मिल रही है।’’

मुख्यमंत्री ने कहा कि संक्रमण रोकने के लिए जहां हम जांच केंद्रों की संख्या बढ़ा रहें हैं वहीं हम अब रैपिड टेस्ट किट एवं पुल टेस्टिंग के माध्यम से और भी तेजी से बड़ी संख्या में जांच करेंगे ।

उन्होंने कहा कि उत्साहवर्धक समाचार है कि हम अब तेजी से लोगों को संक्रमण मुक्त अर्थात् स्वस्थ भी कर रहे हैं।

सोरेन ने कहा, ‘‘सभी से बस एक निवेदन है कि आपस में दूरी बनाएं, पर दिलों को जोड़े रखें। नकारात्मक शक्तियां नफरत फैला अपना हित साधने की कोशिश कर रही है। लेकिन उन्हें कामयाब नहीं होने देना है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘याद रखें हम झारखंडी हैं, जिन्होंने कभी अंग्रेजों के समक्ष घुटने नहीं टेके थे तो बड़ी से बड़ी बाधा से भी हम अवश्य पार पा लेंगे।’’

उन्होंने कहा कि भूख के विरुद्ध मुख्यमंत्री दीदी किचन, पुलिस थानों में सामुदायिक रसोई, मुख्यमंत्री किचन के मॉडल को पूरे देश में सराहा जा रहा है। सबसे बड़ी बात है कि कोई भी झारखंडी आज भूखा नहीं सो रहा है।

मुख्यमंत्री में कहा, ‘‘मैं राज्यवासियों को विश्वास दिलाता हूं कि हर एक झारखंडी चाहे वो अन्य राज्यों में फँसे मजदूर, छात्र, कामगार या फिर व्यवसायी हों। उन तक मदद जरूर पहुंचेगी।’’

, इन्दु

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