विदेश की खबरें | श्रीलंका: सरकार ने लोगों से आर्थिक संकट को लेकर हुए प्रदर्शन के दौरान गायब कलाकृतियों को वापस करने का आग्रह किया
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. श्रीलंका सरकार ने रविवार को लोगों से आग्रह किया कि वे पिछले साल जुलाई में तत्कालीन राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे की सरकार के खिलाफ बड़े पैमाने पर हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान गायब मूल्यवान कलाकृतियों और पुरातात्विक वस्तुओं को वापस लौटाएं या उसके बारे में जानकारी साझा करें।
कोलंबो, नौ जुलाई श्रीलंका सरकार ने रविवार को लोगों से आग्रह किया कि वे पिछले साल जुलाई में तत्कालीन राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे की सरकार के खिलाफ बड़े पैमाने पर हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान गायब मूल्यवान कलाकृतियों और पुरातात्विक वस्तुओं को वापस लौटाएं या उसके बारे में जानकारी साझा करें।
श्रीलंका में पिछले साल जुलाई में खराब आर्थिक संकट को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शन के दौरान सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों ने कोलंबो में राष्ट्रपति पैलेस और टेंपल ट्रीज स्थित प्रधानमंत्री के आधिकारिक आवास पर कब्जा कर लिया था तथा वहां से बेशकीमती प्राचीन वस्तुओं सहित 1,000 से अधिक कलाकृतियां गायब हो गई थीं।
राष्ट्रपति के मीडिया प्रभाग (पीएमडी) ने कहा कि नौ जुलाई से 14 जुलाई, 2022 तक कोलंबो किले के राष्ट्रपति पैलेस पर प्रदर्शनकारियों के कब्जे के दौरान, कई मूल्यवान कलाकृतियां और पुरातात्विक वस्तुएं गायब हो गईं, जिनमें श्रीलंका के पूर्व राज्यपालों और राष्ट्रपतियों से जुड़े प्रतीक-चिह्न भी शामिल थे।
राष्ट्रपति के सचिव समन एकनायके ने श्रीलंका के पूर्व राज्यपालों और राष्ट्रपतियों के पुरातात्विक या कलात्मक मूल्य वाले सभी प्रतीक-चिह्नों (कोट्स ऑफ आर्म) को वापस करने का अनुरोध किया है।
एक बयान के मुताबिक इन वस्तुओं को 31 जुलाई तक राष्ट्रपति सचिवालय को सौंपने का अनुरोध किया गया है।
एकनायके ने इस बात पर जोर दिया कि इन आधिकारिक प्रतीक चिह्नों को निर्दिष्ट अवधि से अधिक समय तक अपने पास रखने के कानूनी परिणाम होंगे, क्योंकि राज्य की संपत्ति पर गैरकानूनी कब्जा एक दंडनीय अपराध है।
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