देश की खबरें | एनएसएफ को मान्यता देने से पूर्व अदालत को सूचित करने के निर्देश में बदलाव की खेल मंत्रालय की दलील खारिज

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. दिल्ली उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को केंद्र की वह अर्जी खारिज कर दी जिसमें राष्ट्रीय खेल महासंघों पर कोई भी फैसला लेने से पहले अदालत को सूचित करने के बारे में खेल मंत्रालय और भारतीय ओलंपिक संघ को दिये गए उसके आदेश में बदलाव का अनुरोध किया गया था।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, सात अगस्त दिल्ली उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को केंद्र की वह अर्जी खारिज कर दी जिसमें राष्ट्रीय खेल महासंघों पर कोई भी फैसला लेने से पहले अदालत को सूचित करने के बारे में खेल मंत्रालय और भारतीय ओलंपिक संघ को दिये गए उसके आदेश में बदलाव का अनुरोध किया गया था।

न्यायमूर्ति हिमा कोहली और नजमी वजीरी की विशेष पीठ ने कहा कि सात फरवरी 2020 के उस आदेश में कोई गलती नहीं है जिसमे बदलाव का अनुरोध किया गया है। पीठ ने यह भी कहा कि अगर मंत्रालय को ऐतराज है तो वह उचित कानूनी रास्ता अपना सकता है ।

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पीठ ने कहा कि मंत्रालय की यह अर्जी वास्तव में आदेश में सुधार के लिये नहीं बल्कि एक तरह से अपील है ।

मंत्रालय की ओर से अतिरिक्त सालिसीटर जनरल के एम नटराज ने पीठ के समक्ष दलील दी उसका पक्ष सुने बिना ही सात फरवरी का आदेश दिया गया था ।

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उन्होंने कहा कि सरकार को किसी राष्ट्रीय खेल महासंघ को मान्यता देने का निर्णय लेने से पहले अदालत की अनुमति लेने की जरूरत नहीं है ।

नटराज ने कहा कि मंत्रालय इस आदेश के खिलाफ अपील दायर कर सकता है लेकिन उसने अदालत के प्रति शिष्टाचार के नाते सुधार के लिये आवेदन दाखिल किया था।

पीठ ने कहा कि सात फरवरी के आदेश के अनुसार मंत्रालय ने 57 एनएसएफ को अस्थायी मान्यता देने की अनुमति के लिये अदालत में आवेदन किया था लिहाजा उसका यह तर्क कि उसे लगा कि उस पर यह आदेश लागू नहीं होता असमर्थनीय है।

यह आवेदन 2010 में अधिवक्ता राहुल मेहरा द्वारा दायर मुख्य याचिका में दाखिल किया गया था। मुख्य याचिका में केंद्र को यह निर्देश देने का अनुरोध किया गया था कि आईओए और एनएसएफ अपने कर्तव्यों का पालन करें ताकि देश में खेल प्रशासन में सुधार हो सके ।

मेहरा ने सुनवाई के दौरान अदालत से केंद्र को यह निर्देश देने का अनुरोध किया कि वह एक हलफनामा दे कि देश में सभी 57 एनएसएफ राष्ट्रीय खेल संहिता का पालन कर रहे हैं । इस पर एएसजी ने मंत्रालय से विवरण एकत्र करने के लिये समय मांगा।

अदालत ने उनका अनुरोध स्वीकार करते हुये इस मामले की सुनवाई 21 अगस्त के लिये निर्धारित कर दी।

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