विदेश की खबरें | विशेष रिपोर्ट : महामारी चेतावनी प्रणालियां

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मेलबर्न (आस्ट्रेलिया), 20 अप्रैल (360 इंफो) क्या हम मौसम की तरह ही महामारी का पूर्वानुमान लगा सकते हैं ?

कोविड-19 महामारी ने आगामी महामारी के प्रकोप का संकेत देने के लिए एक प्रभावी चेतावनी प्रणाली की जरूरत को रेखांकित किया है।

इस क्षेत्र पर ध्यान देना बढ़ता जा रहा है। विश्वविद्यालय, थिंक टैंक (विचार-विमर्श समूह), सरकारें और वाणिज्यिक उद्यम सटीक, विश्वसनीय, पूर्व चेतावनियों में अंतराल को पाटने की पूरी कोशिश कर रहे हैं।

हालांकि, ज्यादातर चेतावनी प्रणालियां रोगों की निगरानी तभी करती हैं जब वे पशु या मानव आबादी में पहुंच जाती हैं। ऐसे में, तब तक देर हो जाती है।

मौजूदा वैश्विक महामारी से महत्वपूर्ण सबक यह है कि भविष्य में प्रतिक्रिया करने के तरीके को बदला जा सकता है।

यह देखा जाना है कि चेतावनी जारी करने में बेहतर स्थिति में कौन है, सरकारें क्या कार्रवाई करेंगी तथा किस तरह हम जन स्वास्थ्य के प्रति एक अन्य वैश्विक खतरा बनने वाले संक्रामक रोगों का पूर्वानुमान लगा सकते हैं।

वास्तविकता की जांच:

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने जब एक आसन्न महामारी की अपनी चेतावनी जारी की--अंतरराष्ट्रीय चिंता की जन स्वास्थ्य आपात स्थिति की घोषणा की--जनवरी 2020 में, तब कुछ राष्ट्रों ने उसकी सलाह सुनी और संक्रमण की जांच की तथा संक्रमितों के संपर्क में आये लोगों का पता लगाया।

तब से, एक स्वतंत्र समिति ने ‘‘भविष्य में संक्रामक रोग के प्रकोप को एक और भयावह महामारी नहीं बनने देने’’ को सुनिश्चित करने के लक्ष्य से कई रिपार्ट जारी की।

इसमें पाया गया: (महामारी से निपटने के लिए) तैयारियों में निरंतरता का अभाव हैं और उनके लिए धन उपलब्ध नहीं है। चेतावनी प्रणाली बहुत धीमी है।

‘‘विश्व स्वास्थ्य संगठन के पास पर्याप्त शक्तियां नहीं है।’’

एक वैश्विक महामारी संधि पर काम, अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत कानूनी तौर पर एक बाध्यकारी समझौता 2024 तक होने की उम्मीद है।

उम्मीद है कि संधि सुनिश्चित करेगी कि वैश्विक नेता उच्चतर, सतत व दीर्घकालीन राजनीतिक संवाद करें।

--स्पष्ट प्रक्रियाओं, कार्य और उम्मीदों को परिभाषित करें।

--सभी स्तरों पर दीर्घकालिन सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्र सहयोग बढ़ाए।

--सभी संबद्ध नीतिगत क्षेत्रों में स्वास्थ्य से जुड़े विषयों को समेकित करे।

बड़े विचार:

कैरिना फियर्नले, यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन के अनुसार, ‘‘हमें चेतावनी जारी करने के मामले में बेहतर होने की जरूरत है क्योंकि हमें और भी महामारियों का सामना करना पड़ेगा और मौजूदा स्थिति से कहीं बदतर स्थिति का सामना करना पड़ सकता है।’’

उनके अनुसार, ‘‘दुनिया भर में स्वास्थ्य चेतावनी प्रणालियों को प्रतिक्रियात्मक से तैयारियों एवं रोकथाम के स्तर पर ले जाने की जरूरत है।’’

ग्रेस वोनग्गे, मोनाश यूनिवर्सिटी के अनुसार, ‘‘अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य नियमन (डब्ल्यूएचओ) की नाकामी का मुख्य कारण प्रणाली नहीं है बल्कि पारदर्शिता और निर्णय लेने से संबद्ध है।’’

कुमिता थेवा दास, यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस मलेशिया के अनुसार, ‘‘निगरानी प्रणालियां मामलों की संख्या में मामूली वृद्धि का भी पता लगाने में विशेष एवं संवेदनशील हैं जो आखिरकार भविष्य में महामारी की रोकथाम में मदद कर सकती हैं। ’’

(360इंफो.ओआरजी)

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