जरुरी जानकारी | सीमित आपूर्ति के बीच जुलाई में सोयामील के निर्यात में 57 प्रतिशत की गिरावट: एसईए

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नयी दिल्ली, 19 अगस्त खाद्यतेल उद्योग के प्रमुख संगठन, एसईए ने बृहस्पतिवार को कहा कि भारत से पशुओं के चारे के रूप में इस्तेमाल होने वाले सोयामील (सोयाबीन डीओसी) का निर्यात जुलाई में एक साल पहले की समान अवधि की तुलना में 57 प्रतिशत घटकर 26,725 टन हो गया।

निर्यात ऐसे समय में हो रहा है जब सरकार इसकी घरेलू आपूर्ति को बढ़ाने और मजबूत होती कीमतों पर नियंत्रण लगाने के लिए 12 लाख टन सोयामील का जल्द आयात करने का प्रयास कर रही है।

सरकार ने आनुवंशिक रूप से संशोधित (जीएम) सोयामील के आयात के संबंध में उहापोह को खत्म करते हुए इसे आयात करने की मंजूरी दे दी है और व्यापारियों ने आयात के ऑर्डर देना शुरू कर दिया है।

नवीनतम सोयाबीन-डीओसी (सोयामील) के निर्यात आंकड़ों को जारी करते हुए, मुंबई स्थित सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एसईए) ने कहा कि सोयामील निर्यात में पिछले दो महीनों में 56,000-62,000 टन के स्तर से गिरावट आई है। उन्होंने कहा, 'सोयामील की रिकॉर्ड कीमत (घरेलू बाजार में) निर्यात और पोल्ट्री किसानों को प्रभावित कर रही है।'

एसईए ने आगे कहा कि सरकार ने जीएम सोयामील के आयात की अनुमति देने के लिए पोल्ट्री फीड ब्रीडर्स एसोसिएशन के अनुरोध पर विचार किया है।

इससे पोल्ट्री उद्योग को देश में सोयाबीन डीओसी खली की कमी को दूर करने में कुछ राहत मिलेगी।

एसईए ने कहा कि जून में लगभग 25,918 टन सोयामील और जुलाई में 26,725 टन सोयामील निर्यात किया गया था। एसईए ने कहा कि जुलाई 2020 में सोयामील का निर्यात 61,957 टन था।

सोयाबीन से तेल निकालने के बाद सोयाबीन प्रोटीन से भरपूर ठोस अवशेष (खली) बचता है और इसका पोल्ट्री चारे के लिए कच्चे माल के रूप में उपयोग किया जाता है।

सोयामील के अलावा, भारत रेपसीड खली, मूंगफली खली, चावल छिलका खली और अरंडी बीज खली जैसे अन्य तिलहन खली का निर्यात करता है।

इस साल जुलाई में तिलहन खली का कुल निर्यात 27 प्रतिशत घटकर 1.91 लाख टन रह गया, जो एक साल पहले की समान अवधि में 2.62 लाख टन था।

हालांकि, चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-जुलाई अवधि के दौरान, तिलहन खली का निर्यात 10 प्रतिशत बढ़कर 9.26 लाख टन हो गया, जो पिछले वित्तवर्ष की समान अवधि में यह 8.41 लाख टन था।

तिलहन खली के प्रमुख निर्यात गंतव्यों में दक्षिण कोरिया, वियतनाम, थाईलैंड, बांग्लादेश और ताइवान जैसे देश शामिल हैं।

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