जरुरी जानकारी | गिरावट के आम रुख के बीच सोयाबीन तिलहन में तेजी

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. स्थानीय मांग के कारण दिल्ली तेल-तिलहन बाजार में मंगलवार के मुकाबले बुधवार को सोयाबीन दाना और लूज (तिलहन फसल) की कीमतों में सुधार देखने को मिला। वहीं दूसरी ओर विदेशी बाजारों में गिरावट के रुख के बीच बाकी तेल-तिलहनों की मांग कमजोर होने से सोयाबीन तेल, सीपीओ, बिनौला और पामोलीन तेल कीमतें गिरावट दर्शाती बंद हुईं। सामान्य कारोबार के बीच सरसों और मूंगफली तेल-तिलहन के भाव पूर्वस्तर पर बने रहे।

नयी दिल्ली, 18 मई स्थानीय मांग के कारण दिल्ली तेल-तिलहन बाजार में मंगलवार के मुकाबले बुधवार को सोयाबीन दाना और लूज (तिलहन फसल) की कीमतों में सुधार देखने को मिला। वहीं दूसरी ओर विदेशी बाजारों में गिरावट के रुख के बीच बाकी तेल-तिलहनों की मांग कमजोर होने से सोयाबीन तेल, सीपीओ, बिनौला और पामोलीन तेल कीमतें गिरावट दर्शाती बंद हुईं। सामान्य कारोबार के बीच सरसों और मूंगफली तेल-तिलहन के भाव पूर्वस्तर पर बने रहे।

बाजार के जानकार सूत्रों ने कहा कि सोयाबीन तिलहन को छोड़कर मंडियों में अन्य किसी तेल तिलहन की मांग नहीं थी। इसके अलावा शिकॉगो एक्सचेंज में मंदी के कारण सोयाबीन तेलों के भाव हानि दर्शाते बंद हुए।

सूत्रों ने कहा कि मंडियों में सरसों और मूंगफली की आवक घटने लगी है। मंडियों में बुधवार को सरसों की आवक पहले के लगभग पांच लाख बोरी से घटकर लगभग 4.5 लाख बोरी रह गई। सरसों से जिस बड़े पैमाने पर रिफाइंड तैयार किया जा रहा है उससे आगे जाकर सरसों की दिक्कत आ सकती है। सरसों के मामले में अगली फसल आने में लगभग नौ-10 महीने हैं और सरकार को विशेष रूप से सरसों को लेकर सजगता बरतनी होगी।

सूत्रों ने कहा कि सरकार का यह प्रयास होना चाहिये कि केंद्र के साथ-साथ राज्य सरकार की खरीद एजेंसियों को अपील जारी करे कि वे सरसों तिलहन की खरीद कर इसका स्टॉक बना ले। यह जरूरत के वक्त में देश के हित में साबित होगा। सरसों का कोई विकल्प नहीं है और सरकार को चौकस रहना होगा।

सूत्रों ने कहा कि मलेशिया एक्सचेंज में लगभग आधा प्रतिशत की गिरावट थी जबकि शिकॉगो एक्सचेंज भी लगभग 1.8 प्रतिशत नीचे था।

सूत्रों ने कहा कि विदेशी बाजारों में गिरावट के रुख के कारण सोयाबीन तेल, कच्चा पामतेल (सीपीओ), बिनौला और पामोलीन तेल कीमतों में गिरावट आई।

बुधवार को तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे:

सरसों तिलहन - 7,565-7,615 (42 प्रतिशत कंडीशन का भाव) रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली - 6,835 - 6,970 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) - 15,850 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली सॉल्वेंट रिफाइंड तेल 2,650 - 2,840 रुपये प्रति टिन।

सरसों तेल दादरी- 15,200 रुपये प्रति क्विंटल।

सरसों पक्की घानी- 2,390-2,470 रुपये प्रति टिन।

सरसों कच्ची घानी- 2,430-2,540 रुपये प्रति टिन।

तिल तेल मिल डिलिवरी - 17,000-18,500 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 16,950 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 16,350 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 15,450 रुपये प्रति क्विंटल।

सीपीओ एक्स-कांडला- 15,200 रुपये प्रति क्विंटल।

बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 15,400 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 16,700 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन एक्स- कांडला- 15,550 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल।

सोयाबीन दाना - 7,100-7,200 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन लूज 6,800- 6,900 रुपये प्रति क्विंटल।

मक्का खल (सरिस्का) 4,000 रुपये प्रति क्विंटल।

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