जरुरी जानकारी | बीते सप्ताह सोयाबीन, मूंगफली, बिनौला में गिरावट; सरसों और पामोलीन में सुधार

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. त्योहारी सीजन की मांग होने के बावजूद मंडियों में नयी फसल की आवक से दिल्ली तेल-तिलहन बाजार में बीते सप्ताह सोयाबीन तेल- तिलहन कीमतों में गिरावट का रुख रहा, जबकि ऊंचे भाव पर मांग कमजोर रहने से मूंगफली तेल-तिलहन के भाव भी नीचे आए। दूसरी ओर त्योहारी मांग के साथ-साथ व्यावसायिक मांग बढ़ने से सरसों और पामोलीन तेल कीमतों में सुधार दर्ज हुआ।

नयी दिल्ली, 26 सितंबर त्योहारी सीजन की मांग होने के बावजूद मंडियों में नयी फसल की आवक से दिल्ली तेल-तिलहन बाजार में बीते सप्ताह सोयाबीन तेल- तिलहन कीमतों में गिरावट का रुख रहा, जबकि ऊंचे भाव पर मांग कमजोर रहने से मूंगफली तेल-तिलहन के भाव भी नीचे आए। दूसरी ओर त्योहारी मांग के साथ-साथ व्यावसायिक मांग बढ़ने से सरसों और पामोलीन तेल कीमतों में सुधार दर्ज हुआ।

बाजार सूत्रों ने बताया कि बीते सप्ताह सोयाबीन की नयी फसल की मंडियों में थोड़ी बहुत मात्रा में आवक शुरू हो गई है और इसके साथ ही वायदा से लेकर हाजिर बाजार में सोयाबीन के भाव काफी टूट गए हैं। नयी फसल आने के बाद सोयाबीन के भाव को लेकर काफी असमंजस की स्थिति है और अलग-अलग स्थानों पर इसके भाव भिन्न-भिन्न हैं। सोयाबीन, जो इसके पिछले सप्ताह 8,000 रुपये क्विंटल से ऊपर के भाव बिक रहा था, फिलहाल उसका दाम 6,000 से 6,600 रुपये क्विंटल के दायरे में है। सोयाबीन की नये फसल के आने से समीक्षाधीन सप्ताहांत में इसके तेल-तिलहन की कीमतों में गिरावट का रुख रहा।

सूत्रों ने कहा कि समीक्षाधीन सप्ताह में बिनौला तेल का भाव एक बार फिर से मूंगफली से पर्याप्त नीचे हो गया है जिसका भाव कुछ वक्त तक मूंगफली से भी बढ़ गया था जिसके कारण मूंगफली की मांग बढ़ गई थी। लेकिन एक बार फिर से बिनौला भाव कम होने से विशेषकर गुजरात में उपभोक्ताओं ने बिनौला का रुख कर लिया जिसकी वजह से मूंगफली की मांग प्रभावित होने से इसके तेल-तिलहन के भाव टूट गये।

उन्होंने कहा कि बिनौला की नयी फसल आने के कारण बिनौला तेल के भाव भी टूटते दिखाई दिये।

सूत्रों ने कहा कि दूसरी ओर त्योहारी मांग में आई तेजी की वजह से सरसों तेल-तिलहन और खानपान उद्योग की व्यावसायिक मांग के कारण पामोलीन तेल कीमतों में सुधार का रुख दिखा और समीक्षाधीन सप्ताहांत में इनके भाव लाभ के साथ बंद हुए।

सूत्रों ने कहा कि पिछले सप्ताह दो-तीन सत्रों से मलेशिया में तेजी थी और इसके अलावा व्यावसायिक मांग बढ़ने के कारण समीक्षाधीन सप्ताह में पामोलीन तेल कीमतों में सुधार देखने को मिला। कच्चे पामतेल (सीपीओ) का भाव पिछले सप्ताहांत के बंद स्तर पर बना रहा क्योंकि पामोलीन का आयात खोले जाने के बाद तेल प्रसंस्करण करने वाली कंपनियों को सीपीओ आयात कर उसका प्रसंस्करण करने की लागत से कहीं कम पामोलीन के लिए खर्च करना पड़ता है इसलिए वे सीधा पामोलीन का आयात कर रही हैं। इस स्थिति की वजह से पामोलीन तेल कीमतों में सुधार आया और सीपीओ के भाव जस के तस रहे।

सूत्रों ने कहा कि इसी प्रकार, सरसों की त्योहारी मांग है जबकि कुछ किसानों को छोड़कर किसी के भी पास सरसों का स्टॉक नहीं है। सहकारी संस्था हाफेड और नेफेड के पास भी इसका स्टॉक नहीं है क्योंकि उनकी इस साल खरीद नहीं की गई। सरसों की मांग ज्यादा और मंडियों में आवक बेहद कम है। इस स्थिति की वजह से सरसों तेल-तिलहनों के भाव में सुधार आया।

उन्होंने कहा कि आगामी सर्दियों के मौसम में सरसों की मांग और बढ़ेगी और इस तेल का और कोई विकल्प भी नहीं है जिसका सोयाबीन की तरह आयात किया जा सके। इस स्थिति के कारण सूत्रों ने कहा कि सरकार को सरसों की अगली बिजाई के लिए बीजों का पहले से इंतजाम कर रखना होगा। खाद्य नियामक, एफएसएसएआई द्वारा सरसों तेल में आयातित सहित अन्य सस्ते तेलों की मिलावट पर रोक लगाने के कारण भी सरसों तेल-तिलहन कीमतों में सुधार आया।

उन्होंने कहा कि समीक्षाधीन सप्ताह से पिछले सप्ताह में सरसों की आवक लगभग सवा दो लाख बोरी प्रतिदिन की थी जो समीक्षाधीन अवधि में घटकर एक लाख 60 हजार बोरी रोजाना की रह गई है। इस कारण भी सरसों में सुधार है।

सूत्रों ने बताया कि बीते सप्ताह सरसों दाने का भाव 40 रुपये का लाभ दर्शाता 8,765-8,815 रुपये प्रति क्विंटल हो गया, जो पिछले सप्ताहांत 8,725-8,775 रुपये प्रति क्विंटल था। सरसों दादरी तेल का भाव 60 रुपये की मजबूती के साथ 17,760 रुपये क्विंटल हो गया। सरसों पक्की घानी और कच्ची घानी तेल कीमतें 15-15 रुपये के सुधार के साथ क्रमश: 2,685-2,735 रुपये और 2,770-2,880 रुपये प्रति टिन पर बंद हुईं।

समीक्षाधीन सप्ताहांत में सोयाबीन दाना और लूज के भाव क्रमश: 2,000 रुपये और 2,200 रुपये की हानि दर्शाते क्रमश: 6,000-6,600 रुपये और 6,000-6,200 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुए।

सोयाबीन दिल्ली, सोयाबीन इंदौर और सोयाबीन डीगम के भाव क्रमश: 60 रुपये, 240 रुपये और 50 रुपये की हानि दर्शाते क्रमश: 14,300 रुपये, 13,940 रुपये और 12,850 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुए।

समीक्षाधीन सप्ताहांत में मूंगफली तेल-तिलहन के भाव में गिरावट आई। मूंगफली का भाव समीक्षाधीन सप्ताहांत में 250 रुपये की हानि के साथ 6,600-6,745 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ। मूंगफली गुजरात का भाव 700 रुपये की हानि के साथ 15,050 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ। जबकि मूंगफली सॉल्वेंट रिफाइंड का भाव 110 रुपये की हानि दर्शाता 2,295-2,425 रुपये प्रति टिन पर बंद हुआ।

समीक्षाधीन सप्ताहांत में कच्चे पाम तेल (सीपीओ) का भाव 11,430 रुपये क्विंटल पर अपरिवर्तित बना रहा। जबकि पामोलीन दिल्ली तथा तथा पामोलीन कांडला तेल के भाव क्रमश: 20 रुपये और 40 रुपये की हानि दर्शाते क्रमश: 13,000 रुपये और 11,960 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुए।

समीक्षाधीन सप्ताहांत में बिनौला तेल का भाव 300 रुपये की गिरावट के साथ 13,700 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ।

राजेश

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