जरुरी जानकारी | महंगे दामों के कारण जून में सोया खली निर्यात 61 प्रतिशत गिरा

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. ऊंची कीमतों के चलते वैश्विक मांग में नरमी का रुख बरकरार रहने के कारण भारत से जून के दौरान सोया खली का निर्यात 61 प्रतिशत घटकर महज 30,000 टन पर सिमट गया। जून 2021 में देश से 77,000 टन सोया खली का निर्यात गया था।

इंदौर (मध्यप्रदेश), 12 जुलाई ऊंची कीमतों के चलते वैश्विक मांग में नरमी का रुख बरकरार रहने के कारण भारत से जून के दौरान सोया खली का निर्यात 61 प्रतिशत घटकर महज 30,000 टन पर सिमट गया। जून 2021 में देश से 77,000 टन सोया खली का निर्यात गया था।

प्रसंस्करणकर्ताओं के इंदौर स्थित संगठन सोयाबीन प्रोसेसर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सोपा) के एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

प्रसंस्करण उद्योग के जानकारों ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारतीय सोया खली के भाव अमेरिका, ब्राजील और अर्जेंटीना के इस उत्पाद के मुकाबले लम्बे समय से ऊंचे बने हुए हैं और भारतीय सोया खली की मांग में जारी गिरावट का सबसे बड़ा कारण यही है।

गौरतलब है कि अमेरिका, ब्राजील और अर्जेंटीना की गिनती दुनिया के सबसे बड़े सोयाबीन उत्पादकों के रूप में होती है।

प्रसंस्करण कारखानों में सोयाबीन का तेल निकाल लेने के बाद बचने वाले उत्पाद को सोया खली कहते हैं। यह उत्पाद प्रोटीन का बड़ा स्त्रोत है। इससे सोया आटा और सोया बड़ी जैसे खाद्य पदार्थों के साथ पशु आहार तथा मुर्गियों का दाना भी तैयार किया जाता है।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

\