Small Stocks-Big Losses: छोटे शेयरों के लिए बुरा रहा 2022-23, बड़ी कंपनियों के मुकाबले ज्यादा हुआ नुकसान
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. छोटे शेयरों के लिए वित्त वर्ष 2022-23 बुरा रहा है और इस दौरान ‘स्मॉल कैप’ शेयर, सेंसेक्स के मुकाबले ज्यादा कमजोरी दर्शाते हुए करीब छह प्रतिशत टूट गए।
नयी दिल्ली, 30 मार्च: छोटे शेयरों के लिए वित्त वर्ष 2022-23 बुरा रहा है और इस दौरान ‘स्मॉल कैप’ शेयर, सेंसेक्स के मुकाबले ज्यादा कमजोरी दर्शाते हुए करीब छह प्रतिशत टूट गए. बाजार विश्लेषकों के अनुसार भारतीय शेयर बाजार के लिए यह एक उथल-पुथल भरा साल था. उच्च ब्याज दर, तेज महंगाई और रूस-यूक्रेन युद्ध जैसे कई नकारात्मक कारकों का असर शेयर बाजारों पर हुआ. यह भी पढ़ें:
उन्होंने कहा कि रूस-यूक्रेन युद्ध ने भारतीय शेयर बाजार के लिए पहली तिमाही को कठिन बना दिया था। हालांकि, दूसरी और तीसरी तिमाही में कुछ सुधार देखने को मिला.
तेज महंगाई, रूस-यूक्रेन युद्ध और उच्च ब्याज दरों जैसे नकारात्मक कारकों ने छोटे शेयरों से निवेशकों को दूर किया.
चालू वित्त वर्ष में सिर्फ एक दिन का कारोबार बचा है, और अब तक बीएसई स्मॉलकैप सूचकांक 1,616.93 अंक या 5.73 प्रतिशत गिर चुका है. वित्त वर्ष 2022-23 में मिडकैप 270.29 अंक या 1.12 प्रतिशत टूटा. इसकी तुलना में बीएसई सेंसेक्स में 608.42 अंक या 1.03 प्रतिशत की गिरावट हुई.
इक्विटी एडवाइज़र मार्केट्समोजो के मुख्य निवेश अधिकारी सुनील दमानिया ने कहा, ‘‘वित्त वर्ष 2022-23 में भारतीय शेयर बाजार के खराब प्रदर्शन में कई कारकों का योगदान रहा. इससे पहले 2020-21 और 2021-22 में बाजार का प्रदर्शन उल्लेखनीय रूप से अच्छा था और निफ्टी तथा सेंसेक्स ने दो अंक में प्रतिफल दिया. दो साल अच्छा प्रदर्शन रहने कारण, तीसरे साल कुछ मुनाफावसूली अपरिहार्य है.’’
उन्होंने कहा कि 2022-23 में हमने रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण विपरीत हालात का सामना किया, जिससे बाजार की धारणा प्रभावित हुई. इसके अलावा दुनियाभर के केंद्रीय बैंकों ने मुद्रास्फीति को रोकने के लिए ब्याज दरों में बढ़ोतरी शुरू कर दी.
दमानिया ने कहा, ‘‘हमने पहले भी देखा है कि जब ब्याज दरें बढ़ने लगती हैं, तो मिडकैप और स्मॉलकैप कमजोर प्रदर्शन करते हैं. उधार की उच्च लागत को चुकाने की उनकी क्षमता बड़ी कंपनियों जितनी मजबूत नहीं होती है.’’ स्वस्तिका इनवेस्टमार्ट लिमिटेड के शोध प्रमुख संतोष मीणा ने कहा कि अनिश्चितता के माहौल में निवेशक सुरक्षा चाहते हैं और शेयर बाजार में स्मॉलकैप कंपनियों को जोखिम भरे निवेश के रूप में देखा जाता है.
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(The above story first appeared on LatestLY on Mar 30, 2023 05:44 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

