जरुरी जानकारी | वृद्धि को गति देने के लिए अब छोटे, बुनियादी सुधारों की जरूरत: सीईए
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नयी दिल्ली, 22 जुलाई मुख्य आर्थिक सलाहकार वी अनंत नागेश्वरन ने सोमवार को कहा कि भारत को अब वृद्धि को गति देने के लिए बड़े सुधारों की नहीं, बल्कि छोटे और बुनियादी सुधारों की जरूरत है।
संसद में आर्थिक समीक्षा 2023-24 पेश किए जाने के बाद नागेश्वरन ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि वृद्धि के लिए बिना किसी वैचारिक रुझान के सभी संभव तरीकों को अपनाने की जरूरत है।
उन्होंने कहा, ''हमें जिस तरह के सुधारों की जरूरत है, उसके लिहाज से अब बड़े-बड़े सुधार आपके पहले पन्ने पर छाए नहीं रहते, बल्कि साधारण काम ज्यादा होते हैं। अब बात सरकार के कामकाज के बारे में ज्यादा है। अब शासन की कार्यप्रणाली महत्वपूर्ण है, जिसे वृद्धि को गति देने के लिए सही करने की जरूरत है।''
उन्होंने आर्थिक समीक्षा में कहा, ''पिछले दशक में भारत सरकार के संरचनात्मक सुधारों ने अर्थव्यवस्था को मजबूती से वृद्धि पथ पर ला खड़ा किया है, जिसकी बदौलत भारत जल्द ही अमेरिका और चीन के बाद दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने के लिए तैयार है।''
नागेश्वरन ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (आईएमएफ) ने अप्रैल 2024 के अपने विश्व आर्थिक परिदृश्य में 2024-25 के लिए भारत के वृद्धि पूर्वानुमान को 6.5 प्रतिशत से बढ़ाकर 6.8 प्रतिशत कर दिया है। इसके साथ भारत सबसे तेजी से बढ़ने वाली जी20 अर्थव्यवस्था बन गया है।
उन्होंने कहा कि भारत निम्न आय वाले देश से निम्न-मध्यम आय वाला देश बन गया है।
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