देश की खबरें | कानपुर बिजली आपूर्ति कंपनी के साथ 1.68 करोड़ की ठगी के आरोप में छह लोग गिरफ्तार

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. कानपुर पुलिस ने बुधवार को एक ठेकेदार और एक तकनीकी विशेषज्ञ सहित छह लोगों की गिरफ्तारी के साथ एक गिरोह का भंडाफोड़ करने का दावा किया, जिसने कानपुर बिजली आपूर्ति कंपनी (केस्को) के भुगतान ‘गेटवे यूआरएल कोड’ में छेड़छाड़ करके 1.68 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी की थी।

कानपुर (उप्र), नौ अगस्त कानपुर पुलिस ने बुधवार को एक ठेकेदार और एक तकनीकी विशेषज्ञ सहित छह लोगों की गिरफ्तारी के साथ एक गिरोह का भंडाफोड़ करने का दावा किया, जिसने कानपुर बिजली आपूर्ति कंपनी (केस्को) के भुगतान ‘गेटवे यूआरएल कोड’ में छेड़छाड़ करके 1.68 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी की थी।

पुलिस आयुक्त बी.पी. जोगदंड ने इसे धोखाधड़ी का संभवत: पहला ऐसा मामला करार दिया और कहा कि प्रारंभिक जांच से पता चला है कि जालसाजों ने साइबर हैकर की मदद से केस्को के भुगतान गेटवे यूआरएल कोड के साथ छेड़छाड़ करके 1700 से अधिक बिजली उपभोक्ताओं के पैसे फर्जी खातों में स्थानांतरित कर दिए।

उन्होंने बताया कि पकड़े जाने से बचने के लिए आरोपियों ने कानपुर में बैंक सुविधाओं का लाभ उठाने के बजाय बागपत जिले में उसी निजी क्षेत्र के बैंक में फर्जी बैंक खाते खोले।

पत्रकारों से बातचीत में जोगदंड ने बताया कि केस्को के अधिकारियों ने बिजली उपभोक्ताओं के भुगतान विवरण को खंगाला तो पता चला कि बैंक ने केस्को के खाते में 1.68 करोड़ रुपये से अधिक हस्तांतरित नहीं किए हैं।

केस्को के प्रबंध निदेशक सैमुअल पॉल एन. ने एक पखवाड़े पहले ही अधीक्षण अभियंता आशीष दीक्षित को ग्वालटोली थाने में प्राथमिकी दर्ज कराने को कहा था।

पुलिस ने आपराधिक विश्वासघात के आरोप में वरिष्ठ प्रबंधक, प्रबंधक और अन्य कर्मचारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी।

पुलिस उपायुक्त (अपराध) मनीष चंद्र सोनकर ने पीटीआई- से कहा कि धोखाधड़ी के मामले की जांच की गई और पाया गया कि उपभोक्ताओं के पैसे को फर्जी खाते (केस्को इलेक्ट्रॉनिक्स) में भेजा गया था, जो कि बागपत में निजी क्षेत्र के बैंक के साथ खोला गया था।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

\