देश की खबरें | सड़क हादसों में छह कांवड़ियों की मौत, 20 अन्य घायल

मुजफ्फरनगर/हरिद्वार, 20 जुलाई कांवड़ यात्रा के अंतिम चरण के दौरान रविवार को कांवड़ यात्रा मार्गों, विशेषकर दिल्ली-देहरादून राजमार्ग और गंग नहर मार्ग पर अलग-अलग सड़क हादसों में छह तीर्थयात्रियों की मौत हो गई और लगभग 20 अन्य घायल हो गए।

उत्तराखंड के हरिद्वार से गंगाजल लेकर वापस लौट रहे हजारों कांवड़ियों (भगवान शिव के भक्तों) का मुजफ्फरनगर में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा कर स्वागत किया।

अधिकारियों ने कांवड़ यात्रा मार्गों पर कड़े सुरक्षा उपाय लागू किए हैं। यात्रा 23 जुलाई को समाप्त होगी, जब तीर्थयात्री रास्ते में पड़ने वाले शिव मंदिरों में गंगाजल चढ़ाने के बाद घर लौटेंगे।

मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने तीर्थयात्रियों का स्वागत करते हुए दावा किया कि कुछ लोग सोशल मीडिया पर कांवड़ यात्रा को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने प्रत्येक कांवड़ संघ से ऐसे उपद्रवियों को बेनकाब करने का आग्रह किया।

योगी आदित्यनाथ ने एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘उपद्रवियों ने इस पवित्र तीर्थ को बदनाम करने का सहारा लिया है... हमारे पास उन सभी की सीसीटीवी फुटेज है। हम इसके (कांवड़ यात्रा) समाप्त होने के बाद उनके पोस्टर चस्पा करने जा रहे हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हमें यह ध्यान रखना है कि जहां उत्साह और उमंग है, जहां आस्था और भक्ति है, कुछ तत्व उस उत्साह को भंग करने और इस भक्ति और आस्था को बदनाम करने का निरंतर प्रयास कर रहे हैं।’’

मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर दोपहर करीब 12 बजे शोभित विश्वविद्यालय परिसर में उतरा, जिसके बाद उन्होंने मोदीपुरम क्षेत्र में दुल्हेड़ा चौकी के पास बनाए गए मंच से कांवड़ियों पर पुष्प वर्षा की।

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘कल से देश के विभिन्न राज्यों से लाखों शिवभक्त कांवड़ के रूप में जल लेकर विभिन्न शिव मंदिरों में जलाभिषेक करेंगे। इस अवसर पर मैं हरिद्वार से पवित्र गंगाजल लेकर आ रहे सभी शिवभक्तों का हार्दिक स्वागत करता हूं।’’

इस अवसर पर राज्यसभा सदस्य लक्ष्मीकांत बाजपेयी और उत्तर प्रदेश के राज्य मंत्री सोमेंद्र तोमर ने मुख्यमंत्री के साथ मंच साझा किया।

इस बीच, एक अधिकारी ने रविवार को बताया कि मिर्जापुर रेलवे स्टेशन पर ट्रेन टिकट को लेकर हुए विवाद के बाद केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवान पर हमला करने के आरोप में तीन कांवड़ियों को गिरफ्तार किया गया है।

सीआरपीएफ का जवान ब्रह्मपुत्र एक्सप्रेस पर सवार होने जा रहा था, जबकि कांवड़िये भी झारखंड के बैद्यनाथ धाम जाने के लिए उसी ट्रेन का टिकट खरीदना चाहते थे। काउंटर पर पहले टिकट खरीदने को लेकर उनके बीच बहस हो गई थी।

राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) निरीक्षक राघवेंद्र सिंह ने बताया कि मौके पर तैनात जीआरपी जवानों ने स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया और बाद में सीआरपीएफ जवान की मदद के लिए और बल भेजा गया।

जीआरपी ने बताया कि सीआरपीएफ जवान अपनी ड्यूटी के लिए मणिपुर जा रहा था और उसने ब्रह्मपुत्र एक्सप्रेस में उसकी यात्रा की व्यवस्था की।

जीआरपी ने कांवड़ियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 115(2) (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना), 352 (शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान करना) और रेलवे अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया।

जीआरपी ने बताया कि बाद में कांवड़ियों को जमानत पर रिहा कर दिया गया।

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में दिल्ली-हरिद्वार राष्ट्रीय राजमार्ग पर दो अलग-अलग सड़क दुर्घटनाओं में दो कांवड़ियों की मौत हो गई और आठ अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।

अधिकारियों ने बताया कि शनिवार देर रात छपार थाना अंतर्गत बरला पुल के पास दो मोटरसाइकिल की टक्कर में कैराना निवासी कावंड़िये अभिषेक (28) की मौत हो गई और चार अन्य घायल हो गए।

यह दुर्घटना उस समय हुई जब अभिषेक और उनके दोस्त मनीष कटारिया गंगा नदी से जल लेने के लिए कैराना से हरिद्वार जा रहे थे।

अधिकारियों ने बताया कि एक अन्य घटना में सलीमपुर बाईपास के निकट दो मोटरसाइकिल की टक्कर में अनिल (23) नामक एक अन्य कांवड़िये की मौत हो गई तथा चार अन्य घायल हो गए।

थाना प्रभारी जयवीर सिंह ने बताया कि अनिल और उनका दोस्त घनश्याम गंगा जल लेने के लिए नोएडा से हरिद्वार जा रहे थे, तभी उनकी बाइक एक अन्य मोटरसाइकिल से टकरा गई।

पुलिस ने रविवार को बताया कि गाजियाबाद में एक तेज रफ्तार एम्बुलेंस ने एक मोटरसाइकिल और एक स्कूटी को टक्कर मार दी, जिससे तीन कांवड़ियों की मौत हो गई और एक अन्य घायल हो गया।

गाजियाबाद के पुलिस उपायुक्त (ग्रामीण) सुरेंद्र नाथ तिवारी ने बताया कि दुर्घटना शनिवार रात करीब 11:45 बजे कादराबाद के पास दिल्ली-मेरठ रोड पर एक रेस्तरां के सामने हुई।

उन्होंने बताया कि चारों कांवड़िये हरिद्वार जा रहे थे, जबकि एम्बुलेंस मेरठ के एक अस्पताल में मरीज को छोड़कर विपरीत दिशा से आ रही थी।

तिवारी ने बताया कि मृतकों की पहचान गाजियाबाद निवासी ऋतिक (23), अभिनव (25) और सचिन (38) के रूप में हुई है। घायल व्यक्ति की पहचान अजय (30) के रूप में हुई है।

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